
बीजेपी सांसद ने लिखा- खामेनेई गया 72 हूरों के पास, कांग्रेस ने बयान को बताया बेतुका
इजराइल-ईरान की जंग में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु तेहरान में एक भीषण हवाई हमले के दौरान हुई। ईरानी सरकार और सरकारी मीडिया ने आधिकारिक तौर पर 1 मार्च की सुबह उनकी मौत की पुष्टि की। खामेनेई की मौत के बाद भोपाल सहित देश भर के कई शहरों में प्रदर्शन हुए। खामेनेई के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों पर देवास से बीजेपी सांसद डॉ. महेन्द्र सिंह सोलंकी ने फेसबुक पर एक पोस्ट किया है। इस पोस्ट पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। देवास से बीजेपी सांसद डॉ. महेन्द्र सिंह सोलंकी ने फेसबुक पर लिखा- रमजान के पवित्र महीने में अल्लाह का नाम लेना चाहिए, कुरुआन शरीफ का पाठ करना चाहिए, हुजूर पाक को याद करना चाहिए। ये खामेनेई खामेनेई क्या लगा रखा है? वो तो गया 72 हूरों के पास। देवास सांसद के पोस्ट पर भोपाल मध्य से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने कहा- ये सांसद महोदय हमेशा बेतुका बयान देते हैं। उन्हें ज्ञान नहीं है कि पूरी दुनिया में गांधी ने अहिंसा के नाम पर ये बता दिया था कि युद्ध अच्छा नहीं हैं। इन्होंने गांधी की किताब नहीं पढ़ी, इन्होंने गोडसे की किताब पढ़ी है।
2700 रु. प्रति क्विंटल के मान से गेहूं की खरीदी सुनिश्चित करें: पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने मुख्यमंत्री को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी 2700 प्रति क्विंटल के मान से सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है। पटवारी ने कहा कि सरकार ने वर्ष 2026 को कृषक कल्याण वर्ष घोषित किया है। मप्र में इस वर्ष भी मंडियों में गेहूं समर्थन मूल्य से नीचे बिक रहा है। बीते वर्ष केंद्र सरकार ने 2425 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का समर्थन मूल्य घोषित किया था। इस पर राज्य सरकार ने 175 रुपए बोनस किसानों को दिया था। इस तरह 2600 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं खरीदा गया। राज्य सरकार ने बोनस केवल 15 रुपए घोषित कर दिया।
लोक संस्कृति के सम्मान के लिए कृषि कैबिनेट: बरूआ
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष शैलेन्द्र बरूआ ने किसान कल्याण वर्ष में किसानों के कल्याण और लोक संस्कृति के सम्मान के प्रकटीकरण के लिए बड़वानी जिले के नागलवाड़ी गांव में आयोजित कृषि कैबिनेट में लिए गए ऐतिहासिक निर्णय के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विरासत के साथ विकास की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए जनजातियों के आराध्य भीलट देव के मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ कृषि कैबिनेट में किसानों के कल्याण के लिए कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। कृषि कैबिनेट में किसान कल्याण से संबंधित छह महत्वपूर्ण विभागों की 16 योजनाओं की 27 हजार 746 करोड़ की विभिन्न योजनाओं को मंजूरी प्रदान की गई है। कृषि कैबिनेट के इस निर्णय से निमाड़ के साथ संपूर्ण मध्यप्रदेश के विकास को रफ्तार मिलेगी। किसानों के कल्याण के लिए 27 हजार 746 करोड़ की राशि खर्च करने के लिए कृषि विभाग की एक, सहकारिता की चार और नर्मदा घाटी विकास विभाग की दो योजनाओं को शामिल किया गया है।
विद्युत समाधान योजना 31 तक बढ़ाई, सरचार्ज में 90 प्रतिशत तक की छूट
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने जानकारी दी है कि मध्यप्रदेश सरकार की समाधान योजना 2025-26 के द्वितीय व अंतिम चरण को 31 मार्च 2026 तक बढ़ा दिया गया है। पूर्व में यह योजना 28 फरवरी तक लागू थी। पिछले वर्ष 3 नवम्बर को समाधान योजना 2025-26 की शुरुआत हुई थी। समाधान योजना में तीन माह से अधिक के बकायादार उपभोक्ताओं को एकमुश्त राशि जमा करने पर 90 प्रतिशत तक सरचार्ज में छूट का लाभ दिया जा रहा है। मंत्री तोमर ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि यदि वे तीन माह से अधिक के बकाएदार हैं और योजना में अभी तक शामिल नहीं हो पाए वे अब 31 मार्च तक योजना में शामिल होकर अपना बकाया बिल एकमुश्त जमा करके 90 फीसदी तक सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकते हैं। मप्र सरकार की समाधान योजना 2025-26 में 28 फरवरी तक 21 लाख 67 हजार बिजली उपभोक्ताओं ने इस योजना का लाभ लिया है।
