
होल्ड कैपेसिटी बढ़ाने मिटिगेशन सेंटर में बढ़ाएंगे अफसर
चंद मिनटों में होने वाले साइबर फ्रॉड की शिकायत पर के सेकंडों में ठगों के खातों पर पैसे होल्ड करवाने के मामले में मध्यप्रदेश की स्थिति में सुधार आया है। 2025 में करीब 100 करोड़ रुपए होल्ड करवाए गए हैं। दरअसल, पिछले साल तक मिटिगेशन सेंटर में एमपी की ओर से कोई अधिकारी नहीं था। फिर राज्य सेल की पहल से एक अफसर नियुक्त किया गया। इसके सकारात्मक परिणाम आने के बाद राज्य साइबर सेल एक और अधिकारी नियुक्त करने की कवायद में जुटा है। इसी माह पुलिस अधिकारी का चयन कर प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। साइबर फ्रॉड मिटिगेशन सेंटर ऐसा केंद्र है जहां साइबर से जुड़े धोखाधड़ी के मामलों को रोकने वाली सभी एजेंसियां एक साथ बैठती हैं। इनमें बैंक के अफसर, लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियां, टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर्स आदि शामिल हैं। पहले सभी एजेंसियां अलग-अलग कामे काम करती करती थीं, थीं, जिससे साइबर फ्रॉड को रोकने में में देरी होती थी।
मध्यप्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियां शुरू, जयभान सिंह पवैया बने अध्यक्ष
6वें वित्त आयोग के अध्यक्ष बने जयभान सिंह पवैया की सात साल के अघोषित वनवास से वापसी हो गई। 2018 के चुनाव में पवैया कांग्रेस उम्मीदवार प्रद्युम्न सिंह तोमर से चुनाव हारे। दोबारा जीत की उम्मीद लेकर वे सक्रिय भी रहे, लेकिन 2020 में कमलनाथ सरकार में उलटफेर के दौरान भाजपा ने ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ कांग्रेस से आए तोमर को उप चुनाव में आगे कर पवैया को हाशिए में लाया। तब से वे राजनीतिक रूप से अलग-थलग रहे। उन्होंने कई कोशिशें की, लेकिन वे संगठन के फ्रंट पर नहीं आ सके। तोमर खेमे से उनकी पटरी नहीं बैठती। सांसद के पहले बजरंग दल के राष्ट्रीय संयोजक रहे पवैया अघोषित रूप से महल विरोधी कहे जाते हैं। शिवराज सरकार में वे 2013-18 तक उच्च शिक्षा मंत्री थे।
स्कूल शिक्षा में टेंडर घोटाला, 40 की लागत बढ़ाकर 90 करोड़ की
मप्र कांग्रेस कमेटी के मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने स्कूल शिक्षा विभाग एवं माध्यमिक शिक्षा मंडल में 2023 से 2025 के बीच हुए टेंडर में वित्तीय घोटाले के आरोप लगाए। गुरुवार को पीसीसी में पत्रकार वार्ता में उन्होंने आरोप लगाया कि टेंडरों में मप्र में पंजीयन-ऑफिस की अनिवार्यता जैसी शर्तों से स्पर्धा को सीमित कर महंगे दाम पर खरीदी की गई। उन्होंने मांग की कि वर्ष 2023 से अब तक के सभी टेंडरों की एसआइटी से जांच कराई जाए। नायक ने बताया कि 3500 2023 में विभाग द्वारा कंप्यूटर, यूपीएस एवं प्रिंटर की खरीदी के लिए टेंडर जारी किया गया था, जिसकी लागत 40 करोड़ से बढ़ाकर लगभग 90 करोड़ रुपए की गई। उपकरणों की खरीदी बाजार से 200 से 250त्न अधिक कीमत पर की गई। खास है कि जिस कंपनी एसर को टेंडर प्रक्रिया से बाहर किया, उसी के उपकरणों की आपूर्ति की गई।
मंत्री सिंधिया ने किया सैल्यूट, विधायक ने उसी कलेक्टर को बताया ‘नकारा’
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने तीन दिन पहले गुना दौरे के दौरान जिस गुना कलेक्टर किशोर कन्याल और उनकी टीम के कामों की प्रशंसा कर मंच से सैल्यूट किया, उसी प्रशासन को विधायक पन्नालाल शाक्य ने नकारा करार दे दिया। गुरुवार को मानस भवन में विक्रमोत्सव के मंच से विधायक शाक्य ने कलेक्टर की कार्ययोजना पर सवाल दाते हुए पूरी टीम को ही नाका करार दिया। दरअसल, वे, गुनिया पदी के पुनरुद्धार और अतिक्रमण को लेकर कलेक्टर कन्याल की विस्तृत कार्ययोजना की बात कर रहे थे। समिति की इस बैठक में विधायक पन्नालाल शामिल नहीं हुए, लेकिन मंच पर उन्होंने इस पूरी कवायद को कागजी कसरत बताकर हवा में उड़ा दिया। वहीं विधायक ने पूर्व कलेक्टरों का उदाहरण देते कन्याल को आईना दिखाने का प्रयास किया। विधायक ने एसडीएम की कार्यशैली पर भी कटाक्ष किया।
