
दुग्ध उत्पादन दोगुना करने का लक्ष्य लेकर कार्य करें अधिकारी
मध्य प्रदेश में गोपालन और दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या को बढ़ावा देने के लिए कार्य निरंतर किए जाएं। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन दोगुना करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए पशुपालन और डेयरी विभाग सभी कार्य करे। पशु चिकित्सा महत्वपूर्ण आयाम है, इसकी अवहेलना नहीं होना चाहिए। पशु चिकित्सा सेवाओं को विस्तार करें। यह निर्देश मुख्यमंत्री डो मोहन यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में विभागीय समीक्षा बैठक में दिए। उन्होंने कहा कि पशुधन के मान से चिकित्सक और सेवा भावी स्टाफ की व्यवस्था से युवाओं को रोजगार मिलेगा। बताया कि प्रदेश में अभी 1065 पशु चिकित्सालय स्थापित हैं। एक वर्ष में करीब 1000 नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं। 585 निष्क्रिय समितियों को गतिशील बनाया है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि गाय के दूध से निर्मित घी, गौ काष्ठ और गौ मूत्र जैसे पदार्थों के विक्रय की बेहतर व्यवस्था बनाई जाए।
नए लेबर कोड्स वापस ले केंद्र सरकार: मुकेश नायक
मप्र कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा में कहा कि केंद्र सरकार द्वारा 22 नवंबर से लागू किए गए नई श्रम संहिताएं (लेबर कोड्स) मजदूरों के अधिकारों पर सुनियोजित हमला हैं। उन्होंने कहा कि ये चार नए कोड- जिनमें 29 पुराने श्रम कानूनों को समाहित किया गया है, कथित रूप से ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के नाम पर मजदूरों के दशकों के संघर्ष से अर्जित अधिकारों पर सीधी चोट हैं। ये संहिताएं न केवल मजदूरों को असुरक्षा, अस्थिरता और शोषण के नए युग में धकेल रही हैं, बल्कि भारतीय संविधान की मूल भावना समानता, न्याय और गरिमा के भी विरुद्ध हैं। उन्होंने कहा कि इन संहिताओं में सरकारों व पूंजीपतियों को असीमित शक्तियां प्रदान कर दी गई हैं। श्रम विभाग के निरीक्षकों की भूमिका को मददकर्ता अथवा फैसीलिटेटर तक सीमित कर दिया गया है।
4.18 करोड़ गणना पत्रकों का हुआ डिजिटाइजेशन आमला में 100 प्रतिशत हुआ
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत मतदाताओं को गणना पत्रक वितरण के बाद अब डिजिटाइजेशन का काम चल रहा है। 5,74,06,143 गणना पत्रकों में से चार करोड़ 18 लाख यानी 72.72 प्रतिशत का डिजिटाइजेशन पूरा करने के साथ मध्य प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। 230 विधानसभा क्षेत्रों में से बैतूल जिले की आमला सीट सौ प्रतिशत डिजिटाइजेशन के साथ पहले स्थान पर है। प्रदेश के 65,014 मतदान केंद्रों में से 3,392 पर शत-प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। जबकि, 34,231 केंद्रों पर 75 प्रतिशत से अधिक काम हुआ है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा ने बताया कि देशभर के 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में चार नवंबर से एसआईआर का काम चल रहा है। 72.72 प्रतिशत काम पूरा करके प्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। समयसीमा में काम पूरा करने को लेकर पूरी टीम तन्मयता के साथ काम कर रही है।
दिग्विजय ने सीएम और मंत्री प्रहलाद पटेल को दी खुली बहस की चुनौती
पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने पंचायत कार्यशाला को लेकर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि भाजपा को 22 साल बाद पंचायत प्रतिनिधियों की याद आई है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों के अधिकारों के मुद्दे पर सीएम मोहन यादव और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रह्लाद पटेल को खुली बहस की चुनौती दी है। पूर्व सीएम सिंह ने कहा कि हमने सोचा था कि वे पंचायत प्रतिनिधियों को ऐसे अधिकार देंगे, जिससे अधिकारी उनके नियंत्रण में आ सकें, लेकिन केवल एक ही घोषणा हुई है कि जिला पंचायतों और जनपद पंचायत के उपाध्यक्ष जो शिक्षा समिति का अध्यक्ष होता है, उनको विद्यालयों के निरीक्षण का अधिकार दिया है। उन्हें सिर्फ जांच करने का अधिकार देने की बात तो कही गई है, लेकिन निरीक्षण पर कार्रवाई का अधिकार अधिकारी, कर्मचारी के पास ही रहेगा। उन्होंने आगे कहा कि कि मुझे सीएम मोहन यादव के मुकाबले पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल से ज्यादा उम्मीद थी, क्योंकि वे ग्रामीण परिवेश के हैं।
