
सीएम ने कहा- इस साल गेहूं के 2625 देंगे, 2028 तक 2700 में खरीदेंगे
विरोधी सरकार 55 साल रही। इन सालों में गेहूं के भाव 400 रुपए बढ़े। हमारी सरकार ने 20 साल में दाम बढ़ाकर 2600 रुपए कर दिए। इस साल सरकार 2625 रुपए के भाव से गेहूं खरीदेगी। ये हमारा कमिटमेंट है। उड़द पर 600 रुपए का बोनस दिया जाएगा। अभी 3 साल हैं। 2028 तक गेहूं 2700 रुपए में खरीदेंगे। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नेहरू स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय किसान सम्मेलन में कही। सीएम डॉ. यादव ने कहा कि हरदा सिंचाई में संक्षिप्त हुआ है। जब से हरदा जिला बना है तब से एक- एक कर सभी क्षेत्रों में हिरदा ने विकास की यात्रा शुरू की है। उन्होंने कहा कि पीएम ने किसान, गरीब, महिला और युवा की चार श्रेणी बनाई है। इनमें देश के साथ ही मप्र भी कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। प्रदेश सरकार ने काम के बलबूते 9 लाख करोड़ रुपए का काम किया है। मप्र सबसे तेज गति से रोजगार दिलाने वाले राज्यों में है। सीएम ने कहा कि विरोधी दल के नेता कहते हैं कि लाड़ली बहना को पैसे मत दो। इससे शराब पी जाती है। डूब मरो, यदि ऐसी भावना लाते हो। ये मप्र की धरती है।
पदोन्नति नियमों पर फैसले से पहले प्रमोशन की तैयारी
मप्र लोक सेवा पदोन्नति नियम 2025 की संवैधानिकता पर फैसला आने से पहले ही राज्य सरकार ने प्रमोशन की तैयारी तेज कर दी है। सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने अधिकारियों-कर्मचारियों की गोपनीय चरित्रावली (सीआर) लिखने की स्पष्ट समय-सीमा तय कर दी है। निर्देशों के अनुसार, सभी कर्मचारियों को 30 अप्रैल तक सेल्फ असेसमेंट फॉर्म दिए जाएंगे, जिन्हें 30 जून तक भरकर जमा करना होगा। इसके बाद प्रतिवेदक अधिकारी 31 अगस्त तक, समीक्षा अधिकारी 30 सितंबर तक और स्वीकार-कर्ता अधिकारी करेंगे। तय समय-सीमा का पालन 30 नवंबर तक सीआर पूर्ण नहीं करने पर संबंधित अधिकारियों पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। जीएडी ने स्पष्ट किया है कि सीआर लिखने की अंतिम तिथि 31 दिसंबर होंगी और इसी आधार पर एसीआर अंतिम मानी जाएगी।
बड़े मुद्दों पर आंदोलन और आपसी विवाद खत्म कर चुनाव जीतने पर फोकस करें
मप्र कांग्रेस की दिल्ली में हुई बैठकों में संगठन की कमजोरी और अंदरूनी खींचतान पर नाराजगी जताई गई। राष्ट्रीय नेताओं ने सेवा दिल, महिला कांग्रेस, यूथ कांग्रेस और एनएसयूआई को निर्देश दिए कि वे जिला कांग्रेस के साथ समन्वय बनाकर जमीनी आंदोलन तेज करें। गैस टंकी जैसे मुद्दों पर सक्रियता न दिखाने पर सवाल उठाए। तीन दिन चली बैठकों में साफ कहा गया कि आपसी विवाद खत्म कर चुनाव जीतने पर फोकस करें। प्रभारी हरीश चौधरी, पीसीसी चीफ जीतू पटवारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। मप्र कांग्रेस ने बुधवार को 8 जिलों की कार्यकारिणी घोषित कर दी है। इसमें भोपाल ग्रामीण, बुरहानपुर शहर, सिंगरौली ग्रामीण, सिंगरौली शहर, उमरिया, रीवा ग्रामीण, रीवा शहर एवं दमोह जिले शामिल हैं। 13 विधानसभा क्षेत्रों में मंडल अध्यक्षों व 47 नगर अध्यक्षों की नियुक्ति भी की गई है।
लोकायुक्त को जानकारी नहीं दने वाले अफसरों की जिम्मेदारी तय हो
मध्य प्रदेश पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री प्रहलाद पटेल द्वारा मुख्य सचिव (सीएस) को पूर्व सीएस के मामले में लिखी गई एक नोटशीट से हडक़ंप मच गया है। मंत्री पटेल ने यह नोटशीट उनके आजीविका मिशन के अफसरों को लेकर लिखी है। इसमें उन्होंने सीएस से इकबाल सिंह बैंस और एलएम बेलवाल के खिलाफ लोकायुक्त को तथ्य उपलब्ध न कराने वाले अफसरों की जिम्मेदारी तय करने की बात लिखी है। दरअसल, यह नोटशीट 25 फरवरी 2026 को विधानसभा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के उस जवाब के संदर्भ में लिखी है, जिसमें मुख्यमंत्री ने कहा था कि बैंस और बेलवाल की जांच में लोकायुक्त को तथ्य नहीं दे रहा पंचायत विभाग। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने बताया था कि मार्च 2025 से प्रकरण दर्ज है। फरवरी में आजीविका मिशन के अफसरों को बुलाया था, लेकिन जानकारी देने के लिए कोई भी अधिकारी उपस्थित नहीं हुआ।
