
कांग्रेस में प्रवक्ता चयन, अब समिति से तिवारी को किया कार्यमुक्त, नायक बने अध्यक्ष
मप्र कांग्रेस कमेटी ने दो दिन पहले सभी प्रवक्ताओं को कार्यमुक्त करने के बाद अब प्रवक्ता चयन के लिए बनाई गई समिति से भी कई लोगों को बदल दिया है। इनमें मीडिया एवं कम्युनिकेशन के प्रभारी अभय तिवारी को भी मुक्त कर दिया है। नई टीम के लिए जारी आदेश में उन्हें कार्यमुक्त करने का कारण असम में व्यस्तता बताई गई है। अब नई कमेटी के अध्यक्ष मीडिया विभाग के चेयरमेन मुकेश नायक को बनाया गया है। तिवारी के साथ पुरानी 13 सदस्यीय टीम में से कई लोगों को बदला गया है। पुरानी टैलेंट हंट कार्यक्रम के लिए जो समिति बनाई थी, उसमें से सेवादल अध्यक्ष अवनीश भार्गव, युवक कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया, एनएसयूआई अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, बाल कांग्रेस अध्यक्ष मेघा परमार, प्रवक्ता अभिनव बारोलिया, मिथुन अहिरवार, राहुल राज व आनंद जाट को हटा दिया गया है। नई समिति में विधायक और गुना जिलाध्यक्ष जयवर्धन सिंह, उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के साथ पुरानी समिति के सह संयोजक बनाए गए आरिफ मसूद अब सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
पूर्व विधायक तिवारी ने पार्टी से दिया इस्तीफा
लक्ष्मण तिवारी ने कांग्रेस पार्टी की रीवा मऊगंज के पूर्व विधायक दिया है। इसकी घोषणा उन्होंने प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे पत्रकारों से चर्चा के दौरान की। इस्तीफा देने का कारण उन्होंने कांग्रेस पार्टी द्वारा की जा रही उपेक्षा को बताया। चर्चा के दौरान उन्होंने बताया कि कांग्रेस पार्टी के संविधान के अनुसार पूर्व विधायक होने के बावजूद जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा बैठकों, कार्यक्रमों एवं गतिविधियों से मुझे लगातार बाहर रखा गया। उन्होंने कहा कि मऊगंज जिले में कांग्रेस पार्टी का स्थाई कार्यालय तक नहीं है। इसके कारण कार्यकर्ताओं एवं प्रबुद्ध नागरिकों को पार्टी से जुडने का अवसर नहीं मिल पा रहा। स्थानीय स्तर पर व्यक्तिवादी राजनीति हावी है। इसके चलते कांग्रेस की वैचारिक पहचान समाप्त होती जा रही है।
जेल विभाग में भी बाल आरक्षकों की भर्ती की तैयारी, मुख्यालय ने शासन को भेजा प्रस्ताव
अनुकंपा नियुक्ति के मामलों में जेल विभाग में अब बाल आरक्षकों की भर्ती करने की तैयारी है। इसके लिए जेल मुख्यालय ने शासन को प्रस्ताव भेजा है। कैबिनेट से हरी झंडी मिलने के बाद यह नियम प्रभावी होगा। इसका लाभ जेल विभाग में पदस्थ कर्मचारियों (महिला या पुरुष) के उन बच्चों को मिलेगा जिनके अभिभावक का सेवा के दौरान निधन हो गया है और जीवन साथी सेवा के लिए योग्य नहीं होता या किसी परिस्थिति के कारण करना नहीं चाहता। बच्चे छोटे होने के कारण सेवा के लिए पात्र नहीं होते जिससे परिवार के सामने मुश्किल कल आ आजाती आ जाती है। अभी तक पुलिस में बाल आरक्षकों की भर्ती का नियम तो है, पर जेल विभाग में ऐसी व्यवस्था नहीं है। जबकि, दोनों विभाग में बल की कार्यप्रणाली और भर्ती नियम लगभग एक जैसे हैं।
विजय शाह मामला: एसआईटी रिपोर्ट के परीक्षण के लिए वक्त मांगेगी सरकार
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान सेना की अधिकारी कर्नल सोफिया कुरैशी पर असभ्य टिप्पणी करने वाले मध्य प्रदेश के जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह के विरुद्ध अभियोजन के मामले में प्रदेश सरकार जल्दबाजी में कोई कदम नहीं उठाएगी। विशेष जांच दल (एसआईटी) ने प्रदेश के गृह विभाग को जो रिपोर्ट सौंपी है, उसका परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने 19 जनवरी को 15 दिनों में अभियोजन पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे। जिसकी समय सीमा पूरी हो चुकी है। अब सरकार सुप्रीम कोर्ट से परीक्षण के लिए समय देने की मांग करेगी। बता दें कि मंत्री विजय शाह ने आपरेशन सिंदूर की जानकारी देश तक पहुंचाने वाली कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर जब असभ्य बयान दिया था, तब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इस पर स्वत: संज्ञान लिया और एफआईआर के निर्देश दिए थे।
