
सत्ता, संगठन और संघ के बीच चला गहन मंथन, दिखेंगे बदलाव
सत्ता, संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख लोगों के बीच सुशासन भवन में मंथन हुआ, जो काफी देर तक चलेगा। आने वाले समय में उक्त मंथन के परिणाम भी दिखाई दे सकते हैं। उक्त मंथन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संघ की क्षेत्रीय कार्यकारिणी के कुछ सदस्य मौजूद थे। साथ ही कुछ प्रमुख अधिकारियों को भी शामिल किया थाप माना जा रहा है कि इसमें नर्मदा समग्र के कामों पर लंबा विचार विमर्श किया। इसके अलावा निगम मंडलों, प्राधिकरणों, आयोगों में की जाने वाली नियुक्तियां, सरकार द्वारा किए जा रहे कामकाज के फीडबैक, केंद्र व राज्य की अहम योजनाओं की प्रगति, आने वाले समय में नवाचार और सत्ता व संगठन को आने वाली कई चुनौतियों के समाधान पर चर्चा हुई। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने सोमवार को सोशल मीडिया विभाग के संभाग प्रभारियों और सह- प्रभारियों के साथ बैठक की। खंडेलवाल ने सोशल मीडिया के सकारात्मक इस्तेमाल पर जोर दिया।
कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठ जनता की समस्याओं को उठाएं: पटवारी
प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में सोमवार को प्रकोष्ठ विभाग की संयुक्त बैठक हुई। इसमें कांग्रेस के सभी प्रकोष्ठों की आगामी रणनीति, कांग्रेस संगठन के विस्तार तथा जमीनी स्तर पर कार्य को और अधिक प्रभावी एवं सशक्त बनाने को लेकर चर्चा की गई। आगामी कार्ययोजना बनाई गई। प्रदेश अध्यक्ष पटवारी ने कहा, प्रत्येक प्रकोष्ठ को सक्रिय होकर जनता के बीच जाकर समस्याओं को उठाए। बैठक में संगठन महासचिव डॉ संजय कामले, सज्जन सिंह वर्मा अन्य मौजूद रहे। कांग्रेस ने सोमवार को 7 नगर अध्यक्षों एवं 29 विधानसभा क्षेत्रों के अंतर्गत 7 जिलों में मंडलम अध्यक्षों की नियुक्ति की है। यह नियुक्तियां संगठन सृजन के तहत की हुई, जिससे पार्टी की जमीनी पकड़ को और अधिक मजबूत किया जा सके।
डीजीपी ने कहा- छोटे तस्कर नहीं, सरगनाओं पर सीधी चोट की जाए
केंद्रीय गृह मंत्री के विजन के अनुरूप मध्यप्रदेश को नशामुक्त बनाने की दिशा में पुलिस मुख्यालय ने निर्णायक पहल शुरू कर दी है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने रविवार को पुलिस मुख्यालय, भोपाल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के सभी पुलिस अफसरों के साथ नारकोटिक्स नियंत्रण को लेकर विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में 1 अप्रैल से मादक पदार्थों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर ड्रग्स नेटवर्क के पूर्ण उन्मूलन का लक्ष्य तय किया गया। डीजीपी ने कहा, केवल छोटे तस्करों पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं, बल्कि एमडी जैसे केमिकल ड्रग्स के स्रोत, सप्लाई चेन और सरगनाओं तक पहुंचकर नेटवर्क को जड़ से खत्म किया जाए। उन्होंने ऑनलाइन ड्रग्स सप्लाई रोकने के लिए तकनीकी और साइबर सेल की मदद लेने को कहा। वहीं इस पर प्रत्येक जिले को 6 अप्रेल तक विस्तृत रोडमैप तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
वीआइटी मामले में अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग का नोटिस
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने वेल्लोर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (वीआइटी) विश्वविद्यालय के प्रकरण में यूजीसी नई दिल्ली के चेयरमैन एवं मप्र शासन के प्रमुख सचिव, उच्च शिक्षा विभाग को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत जवाब मांगा है। एनएसयूआइ के प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए आयोग ने यह कार्रवाई की। शिकायत में आरोप हैं कि सीहोर में संचालित वीआइटी यूनिवर्सिटी के द्वारा भ्रामक प्रस्तुतीकरण, छात्रों के अधिकारों एवं अन्य प्रशासनिक अनियमितताओं को अंजाम दिया गया। परमार ने कहा, विश्वविद्यालय द्वारा भोपाल नाम का उपयोग किए जाने से अन्य राज्यों के छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में भ्रम की स्थिति निर्मित होती है तथा प्रवेश प्रेरि या के दौरान भौगोलिक स्थिति को लेकर भ्रामक धारणा बनती है।
