बिच्छू डॉट कॉम: टोटल रिकॉल/ग्वालियर विश्वविद्यालय की नियुक्तियों में हुआ फर्जीवाड़ा, निरस्त करने की मांग

ग्वालियर विश्वविद्यालय

ग्वालियर विश्वविद्यालय की नियुक्तियों में हुआ फर्जीवाड़ा, निरस्त करने की मांग
विधानसभा में ग्वालियर विश्वविद्यालय की भर्तियों का मुद्दा उठा। भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह ने ध्यानाकर्षण के माध्यम से मामला उठाते हुए भर्ती प्रक्रिया में अनियमितताओं के आरोप लगाए और नियुक्तियों को निरस्त कर जांच कराने की मांग की। कुशवाह ने सदन में कहा कि जिन पदों पर इस वर्ष नियुक्तियां हुई हैं, उनके लिए विज्ञापन चार वर्ष पहले जारी किया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि चार साल बाद विश्वविद्यालय ने सरकार की अनुमति के बिना भर्ती प्रक्रिया पूरी कर ली। विधायक ने कहा कि चयनित अभ्यर्थियों का इंटरव्यू 12 तारीख को हुआ और अगले ही दिन 13 तारीख को उन्हें जॉइनिंग दे दी गई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कुछ उम्मीदवार इंटरव्यू से दो दिन पहले ही टिकट कराकर पहुंच गए थे, जिससे प्रक्रिया पर संदेह पैदा होता है। सरकार की ओर से जवाब देते हुए मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि ग्वालियर विश्वविद्यालय में हुई सभी नियुक्तियां नियमों के तहत की गई हैं और इनके लिए शासन की आवश्यक मंजूरी भी ली गई थी।

वर्षों पुराने मामलों में लीज का होगा नवीनीकरण
राज्य सरकार ने समय-समय पर कहीं व्यापार तो कहीं आवासीय परियोजना के लिए भूमि लीज पर दी। परिवार बड़े हो गए और बंटवारा हो गया। एक भूमि के दो हिस्सों में निर्माण कर लिया गया। जब लीज का नवीनीकरण करोने लोग जाते हैं तो मूल स्वरूप न अनि के कारण नहीं हो पाता है। यह समस्या सभी जगह है। अब चूंकि, लंबे समय से लोग रह रहे हैं या कारोबार कर रहे हैं तो ऐसे में हटाना तो व्यावहारिक नहीं होगा इसलिए नियम में संशोधन करके ऐसा रास्ता निकालेंगे कि संबंधित निकाय की आय भी बढ़े और नवीनीकरण भी हो जाए। यह घोषणा नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शुक्रवार को विधानसभा में कांग्रेस के डा. हीरालाल अलावा और भाजपा के अभिलाष पांडेय के प्रश्न के उत्तर में की। डा. हीरालाल अलावा ने. मनावर नगर पालिका परिषद की भूमि को अवैध तरीके से हस्तांतरित किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से लीज की जमीन हस्तांतरित हुई।

भोपाल में 24 फरवरी को कांग्रेस का किसान सम्मेलन
अमेरिका और भारत के बीच हुए व्यापार समझौते को किसानों के विरुद्ध बता रही कांग्रेस इसके विरोध में राज्यवार किसान सम्मेलन करेगी। इसकी शुरुआत 24 फरवरी को भोपाल से होगी इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शामिल होंगे। दिल्ली में हुई पार्टी की बैठक में सम्मेलन की रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के प्रदेश अध्यक्ष शामिल हुए। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी के अनुसार, पहला किसान सम्मेलन भोपाल में आयोजित करने के उनके प्रस्ताव को इसलिए कांग्रेस हाई कमान ने स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका-भारत के बीच हुए व्यापार सम्मेलन का असर मध्य प्रदेश के किसानों पर भी पड़ेगा।

मलैया बोले मप्र की जीएसडीपी और कर्ज का अनुपात 30 प्रतिशत
विधानसभा के बजट सत्र में सदन में बजट के आय व्यय पर चर्चा करते हुए भाजपा विधायक जयंत मलैया ने कहा कि तेलंगाना – पंजाब जैसे राज्यों में जीएसडीपी और कर्ज का अनुपात 40 से 46 प्रतिशत तक है, संपन्न देशों की लायबिलिटी भी उनकी जीडीपी से ज्यादा है, जबकि मप्र में 30 प्रतिशत तक ही है। मलैया ने कहा कि विपक्ष कर्ज पर आरोप लगाता है पर मप्र ने बीते कई साल तय सीमा से पांच से 15 प्रतिशत तक कम कर्ज लिया है। वहीं बजट पर चर्चा जारी रखते हुए कांग्रेस विधायक डा राजेंद्र सिंह ने आरोप लगायों कि सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) में तेलंगाना, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि से भी मप्र बहुत पीछे है। सच्चाई यह है कि इस मामले में मप्र प्रदेश दसवें नंबर पर है। मप्र में कर्ज लेने की होड़ लगी हुई है। इधर, कांग्रेस विधायक ओंकार मरकाम ने कहा कि 2047 के लक्ष्य के अनुसार हर साल प्रति व्यक्ति आय में एक लाख वृद्धि होनी चाहिए पर इस बार ये महज 1.69 लाख तक ही पहुंची।

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