
शिवराज के बेटे की मानहानि केस में राहुल गांधी को समन जारी
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ एमपीएमएलए कोर्ट के विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट तथागत याग्निक ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बेटे कार्तिकेय सिंह की मानहानि के मामले में एक बार फिर समन जारी किया है। राहुल गांधी को 9 दिसंबर को कोर्ट में हाजिर होने के आदेश दिए हैं। विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 26 दिसंबर 2024 को कार्तिकेय सिंह चौहान की शिकायत पर राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कर समन जारी करते हुए कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए थे। वह तामील नहीं होने पर एक बार फिर समन जारी किया गया है।
सरकार ने किया रियायतों का ऐलान, विमान कंपनियां बताएं अपना इरादा
जबलपुर के डुमना एयरपोर्ट से एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के मुद्दे पर राज्य सरकार के उड्डयन विभाग ने कहा है कि वे विभिन्न तरह की रियायतें देने तैयार हैं, ताकि जबलपुर के साथ प्रदेश में भी फ्लाइट्स की संख्या बढ़ सके। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा और जस्टिस विनय सराफ की बेंच ने एयरलाइन कंपनियों को जवाब पेश कर यह बताने कहा कि उनका आगे क्या इरादा है? साथ ही इंडिगो एयरलाइन्स को उपभोक्ताओं से संबंधित आंकड़े भी पेश करने कहा गया है। अगली सुनवाई 9 सितंबर को होगी। याचिकाकर्ताओं डॉ. पीजी नाजपांडे और रजत भार्गव की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप नायर, राज्य सरकार की ओर से उप महाधिवक्ता विवेक शर्मा के साथ मप्र सरकार के एसीएस (एविएशन) संजय शुक्ला हाजिर रहे। यह याचिका सुधीर चंद्र दत्त की ओर से 2004 में दायर मामले के साथ लिंक होगी।
भिंड कलेक्टर के समर्थन में तहसील का कामकाज ठप
भिंड से भाजपा विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह और कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बीच खाद संकट को लेकर हुए विवाद के बाद गुरुवार को तहसील कार्यालय में कामकाज पूरी तरह ठप रहा। वहीं जिलेभर के राजस्व अधिकारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया। अफसरों ने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि को सवाल पूछने का हक है, लेकिन गाली-गलौज का नहीं। अन्य तहसीलों में भी यही हालात बने रहे। केवल आकस्मिक सेवाएं जारी रहीं, बाकी दफ्तर सुने पड़े रहे। मंगलवार को भाजपा विधायक कुशवाह ने समर्थकों संग कलेक्टर बंगले का घेराव कर हंगामा किया था। इस दौरान जमकर बहस, धक्का-मुक्की और गाली-गलौज हुई थी।
मप्र के कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव नहीं होने पर हाईकोर्ट ने मांगा जवाब
प्रदेश के कॉलेजों में वर्ष 2017 से छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जाने को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर जवाब पेश करने के मामले पर मप्र उच्च न्यायालय ने राज्य के सभी विश्वविद्यालयों को मोहलत दी है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की डिवीजन बेंच ने गुरुवार को एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह निर्देश दिए। अगली सुनवाई 6 अक्टूबर को होगी। यह याचिका जबलपुर के गोहलपुर में रहने वाले अदनान अंसारी की ओर से दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि वर्ष 2024-25 के शैक्षणिक सत्र में रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय द्वारा लिंगदोह कमेटी की सिफारिश के बावजूद छात्र संघ चुनाव नहीं कराए जा रहे, जो अवैधानिक है। पिछले कुछ वर्षों में भी ये चुनाव नहीं कराए गए, जो संविधान में दिए मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इस मामले में मप्र सरकार के अलावा बरकतउल्लाह विवि भोपाल, जीवाजी विवि ग्वालियर, देवी अहिल्याबाई विवि इंदौर, रानी दुर्गावती विवि जबलपुर, अवधेश प्रताप सिंह विवि रीवा, विक्रम यूनिवर्सिटी उज्जैन, महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विवि छतरपुर, राजा शंकर शाह विवि छिंदवाड़ा को पक्षकार बनाया गया है। मामले पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता प्रकाश उपाध्याय व अधिवक्ता अक्षर दीप हाजिर हुए।