
जाति जनगणना के वर्गीकरण और सत्यापन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज
सुप्रीम कोर्ट ने 2027 में होने वाली जनगणना के दौरान नागरिकों की जाति दर्ज करने, वर्गीकरण और सत्यापन की प्रक्रिया को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। हालांकि, शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार और भारत के रजिस्ट्रार जनरल एवं जनगणना आयुक्त के कार्यालय से याचिकाकर्ता द्वारा दिए गए सुझावों पर विचार करने को कहा है। मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने स्पष्ट किया कि जाति आंकड़ों की पहचान के लिए कोई पूर्व-निर्धारित डेटा मौजूद नहीं है। पीठ ने कहा कि जनगणना की पूरी प्रक्रिया जनगणना अधिनियम, 1958 और उसके तहत बने 1990 के नियमों के अनुसार संचालित होती है, जो संबंधित अधिकारियों को यह तय करने का अधिकार देते हैं कि जनगणना किस तरीके और किन बिंदुओं पर की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसे इस बात पर कोई संदेह नहीं है कि संबंधित प्राधिकरण विषय विशेषज्ञों की मदद से ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित करेंगे, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि की आशंका न रहे।
सिंधु जल संधि से जुड़ा मामला: भारत ने किया इंटरनेशनल कोर्ट का आदेश मानने से इनकार
भारत ने सिंधु जल संधि से जुड़े अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के आदेश को मानने से इनकार कर दिया है। भारत का कहना है कि यह कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन अवैध रूप से गठित है और इसके आदेशों को भारत मान्यता नहीं देता। दरअसल, अंतरराष्ट्रीय अदालत ने भारत को निर्देश दिया था कि वह अपने जलविद्युत संयंत्रों के परिचालन रिकॉर्ड प्रस्तुत करे, ताकि आगे की सुनवाई में इनका उपयोग किया जा सके। अदालत ने 9 फरवरी 2026 तक इन दस्तावेजों को सौंपने या अनुपालन न करने पर औपचारिक स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है। दरअसल, हेग स्थित मध्यस्थता न्यायालय सिंधु जल संधि के ढांचे के तहत नई सुनवाई और दस्तावेज आदेशों के साथ आगे बढ़ रहा है, लेकिन भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इन कार्यवाहियों की वैधता को मान्यता नहीं देता और इनमें भाग नहीं लेगा।
घटना को रहस्यमयी बताया ‘घोटाले वाली फाइल’ का किया जिक्र: संजय राउत
संजय राउत ने सोमवार को कहा कि पूर्व महाराष्ट्र उपमुख्यमंत्री अजित पवार द्वारा भाजपा के कथित घोटाले से जुड़ी एक फाइल होने का दावा करने के कुछ ही दिनों बाद एक हादसे में मारे गए। उन्होंने घटनाक्रम को रहस्यमयी बताते हुए मौत पर सवाल खड़े किए। दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने दावा किया कि अजित पवार ने भाजपा से नाता तोडऩे और अपने चाचा व शरद पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी (एसपी) में लौटने का फैसला कर लिया था। अजित पवार लगातार कहते रहे कि उनके पास भाजपा के घोटाले की फाइल है और वे इसका खुलासा करेंगे। 15 जनवरी को उन्होंने यह बात कही और अगले दस दिनों में एक दुर्घटना में उनकी मौत हो गई। यह रहस्यमय है। राउत ने सवाल उठाते हुए कहा, अजित पवार जैसे नेता विमान में बैठते हैं और उसमें कोई अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति नहीं होता, न उनके साथ ओएसडी होता है, न मेंटेनेंस सर्टिफिकेट। उन्होंने दावा किया कि अजित पवार का अपने मूल घर लौटना भाजपा के लिए बड़ी हार होती और यह देश की राजनीति में निर्णायक मोड़ साबित होता। राउत ने यह भी कहा कि अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी अब भाजपा की जागीर बनकर रह गई है। राउत के आरोपों पर भाजपा की ओर से तीखी प्रतिक्रिया आई। भाजपा एमएलसी चित्रा वाघ ने कहा कि राउत अपने हितों के लिए किसी की मौत का इस्तेमाल कर रहे हैं और बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। चित्रा ने कहा कि अगर अजित पवार के पास भाजपा के खिलाफ कोई दस्तावेज थे और वे नष्ट नहीं हुए हैं, तो उन्हें खोजा जाना चाहिए।
सोने-चांदी की ऑल टाइम हाई से कीमतें धड़ाम
सोमवार को सोना 143205 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। जबकि, चांदी 6 प्रतिशत टूट कर 274410 रुपये प्रति किलो पर खुली। 30 जनवरी के बंद भाव के मुकाबले सोने का वायदा भाव आज यानी सोमवार को करीब 7000 रुपये नीचे खुला है। वहीं चांदी ने करीब 17000 रुपये प्रति किलो का गोता लगाया है। चंद मिनट बाद ही चांदी 9 पर्सेंट टूटकर 265652 रुपये पर आ गई। वहीं, सोना भी 7 फीसद से अधिक टूटकर 141497 पर आ गया। बता दें बजट की वजह से आज एमसीएक्स ट्रेडिंग के लिए खुला है। अगर ऑल टाइम हाई से तुलना करें 1,80,000 रुपये से गिरकर सोना करीब 38000 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी करीब 1.54 लाख रुपये सस्ती हो चुकी है। बता दें 30 जनवरी को सोने-चांदी में भारी गिरावट देखने को मिली।
