
देश-प्रदेश की विद्युत आवश्यकता की पूर्ति कर रहा मप्र: सीएम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वर्तमान में विद्युत का महत्व वायु और जल के समान है। गर्व का विषय है कि हम प्रदेश के उद्योगों, किसानों सहित सभी प्रदेशवासियों की बिजली की मांग के साथ देश की बिजली की जरूरत को भी पूरा कर रहे हैं। राजधानी दिल्ली की मेट्रो ट्रेन प्रदेश की बिजली से चल रही है। अब इस तरह की योजना बनाई जा रही है कि वर्ष 2047 तक बिजली की कोई कमी नहीं होगी, प्रदेश ऊर्जा क्षेत्र में सरप्लस रहेगा। प्रदेश में 11 सालों में सौर ऊर्जा 30 प्रतिशत बढ़ी है। मुख्यमंत्री 6 विद्युत कंपनियों के नवनियुक्त 1060 कार्मिकों को नियुक्ति-पत्र वितरण और अभिनंदन समारोह को रवीन्द्र भवन में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली कंपनियों के द्वारा एक हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र बांटे जा रहे हैं। सीएम ने कहा कि पहले छह-छह महीने और एक साल तक कोयले का भुगतान नही होता था, इसलिए थर्मल पॉवर स्टेशन बंद हो जाते थे और बिजली उत्पादन प्रभावित होता था। अब ऐसा नहीं है।
तीन कलेक्टर लिख चुके फिर भी भ्रष्टाचारियों पर नहीं हो रही कार्रवाई
राज्यसभा सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मध्यप्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय को एक पत्र लिखकर मधुसूदनगढ़ नगर पालिका परिषद में भ्रष्टाचार के मामले में कार्यवाही की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि मधुसूदनगढ़ नगर पालिका परिषद के तत्कालीन अध्यक्ष श्यामलाल अहिरवार और मुख्य नगर पालिका अधिकारी पूरनचंद कुशवाह द्वारा सामग्री खरीद में भारी अनियमितताएं और भ्रष्टाचार किया गया है। इस मामले में गुना जिले में पदस्थ रहे तीन अलग अलग कलेक्टरों फ्रेंक नोबल ए द्वारा 10 जुलाई 2023 को, तरुण राठी द्वारा 29 सितम्बर 2023 को एवं किशोर कुमार कान्याल द्वारा 17 जून 2025 को जांच की गई है और आयुक्त नगरीय प्रशासन को कार्यवाही हेतु लेख किया गया है। दिग्विजय सिंह ने अपने पत्र में आगे कहा है कि इस मामले में मधुसूदनगढ़ नगर पालिका परिषद के पार्षदों और आम जनता में काफी रोष व्याप्त है। उन्होंने मांग की है कि नंगर पालिका परिषद मधुसूदनगढ़ के दोषी पाए गए तत्कालीन अध्यक्ष और मुख्य नगर पालिका अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही हेतु तीन कलेक्टरों द्वारा लिखे गए पत्रों का सम्मान करते हुए आवश्यक कार्यवाही की जाए।
दोपहर में दिल्ली गए सीएम, देर रात लौटे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मंगलवार दोपहर बाद दिल्ली पहुंचे। उनके साथ मुख्य सचिव अनुराग जैन भी थे। सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेताओं के साथ प्रदेश से जुड़े विभिन्न मुद्दों के साथ ही मुख्य सचिव जैन को एक्सटेंशन दिए जाने को लेकर भी चर्चा की। हालांकि चर्चा के दौरान मुख्य सचिव जैन के एक्सटेंशन को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। मुख्यमंत्री देर रात दिल्ली से भोपाल वापस आ गए। बता दें कि मुख्य सचिव जैन की सेवानिवृत्ति में अब सिर्फ पांच दिन का समय बाकी है, लेकिन उन्हें एक्सटेंशन दिए जाने को लेकर अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। यही वजह है कि नए मुख्य सचिव को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। चूंकि 29 अगस्त के बाद दो दिन शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश है। इसलिए यह माना जा रहा है कि सीएस जैन का एक्सटेंशन या इस पद पर नए अफसर की तैनाती इस अवधि में क्लियर हो जाएगी।
खरीदी प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई तो होगी सख्त कार्रवाई
खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) की समर्थन मूल्य पर खरीदी की तैयारियां युद्ध स्तर पर की जाएं। उन्होंने कहा कि खरीदी प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं कि जाएगी। गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। सरकार का उद्देश्य है कि किसानों को किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े। मंत्री राजपूत ने मंगलवार को मंत्रालय में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में समर्थन मूल्य पर मोटे अनाज (ज्वार, बाजरा) उपार्जन तैयारियों की समीक्षा करते हुए ये निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खरीदी कार्य की तैयारियों में कोई ढिलाई न बरती जाए। खरीदी के दौरान किसानों की सुविधा के सभी इंतजाम किए जाएं।