
फेमा मामले में पंजाब के पूर्व सीएम अमरिंदर और उनके बेटे को ईडी का समन
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन कानून (फेमा) के उल्लंघन से जुड़े मामले में पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके बेटे रणिंदर सिंह को पूछताछ के लिए समन जारी किया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों के अनुसार, दोनों पर स्विट्जरलैंड के बैंक खाते सहित कुछ विदेशी संपत्तियों के लाभार्थी होने का आरोप है। एजेंसी ने अमरिंदर सिंह को बृहस्पतिवार को जालंधर स्थित अपने कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है, जबकि उनके पुत्र को अगले दिन तलब किया गया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि अमरिंदर सिंह हाल में मोहाली के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए हैं, इसलिए उन्हें नई तारीख दी जा सकती है। बता दें कि यह कार्रवाई सितंबर 2025 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश से जुड़ी है। हाईकोर्ट ने उस याचिका को खारिज कर दिया था, जिसमें दोनों ने आयकर विभाग की आरोप पत्र संबंधी अभिलेखों के निरीक्षण पर रोक लगाने की मांग की थी।
मैच से पहले भारत को लग सकता है एक और झटका, ईशान किशन हुए चोटिल
नामीबिया के खिलाफ गुरुवार यानी 12 फरवरी को दिल्ली में खेले जाने वाले मुकाबले से पहले भारतीय टीम को एक और झटका लग सकता है। दरअसल, स्टार बल्लेबाज ईशान किशन अभ्यास सत्र के दौरान चोटिल हो गए। बुमराह की खतरनाक यॉर्कर से वह चोटिल हुए। इससे पहले अभिषेक शर्मा पेट में संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती हुए थे। हालांकि, उन्हें छुट्टी मिल गई। नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले अभ्यास सत्र के दौरान ईशान किशन शानदार लय में नजर आए, लेकिन तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की एक तेज यॉर्कर उनके बाएं पैर पर लग गई, जिससे उन्हें थोड़ी देर के लिए मैदान छोड़ना पड़ा। हालांकि, किशन बाद में दोबारा बल्लेबाजी करने लौटे, लेकिन ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिके। बुमराह लगातार दूसरे दिन पूरी रफ्तार से गेंदबाजी करते दिखे, जो टीम इंडिया के लिए राहत की खबर है। वह अमेरिका के खिलाफ टी20 विश्व कप के पहले मुकाबले में नहीं खेल पाए थे। अब उम्मीद है कि वह नामीबिया के खिलाफ होने वाले मैच में वापसी कर सकते हैं, जो पाकिस्तान के खिलाफ कोलंबो में होने वाले मुकाबले से पहले उनके लिए अहम तैयारी साबित होगा।
असम की नई मतदाता सूची में बड़ा बदलाव, मुस्लिम बहुल जिलों में बढ़ोतरी
असम में अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है। नई सूची के आंकड़े बताते हैं कि मुस्लिम बहुल जिलों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है, जबकि कई जनजातीय और पहाड़ी इलाकों में कमी दर्ज की गई है। कुल जिलों के हिसाब से देखें तो ज्यादा जिलों में गिरावट हुई है। इस बदलाव के बाद राज्य में राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है और विपक्ष ने प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक असम के 35 जिलों में से 24 जिलों में अंतिम मतदाता सूची में संख्या घटी है, जबकि 11 जिलों में बढ़ोतरी दर्ज हुई है। अंतिम सूची में कुल 2.49 करोड़ मतदाता शामिल हैं। यह संख्या प्रारूप सूची से 0.97 प्रतिशत कम है। विशेष पुनरीक्षण के दौरान करीब 2.43 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं। जिला स्तर पर बदलाव कुछ सौ से लेकर 30 हजार से ज्यादा तक दर्ज किया गया है। पश्चिमी और निचले असम के मुस्लिम बहुल जिलों में मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। धुबरी, दक्षिण सलमारा, गोलपाड़ा और बारपेटा में वृद्धि दर्ज की गई है। बारपेटा जिले में सबसे ज्यादा, 25 हजार से अधिक मतदाता बढ़े हैं।
एपस्टीन फाइल्स पर अमेरिका में बवाल: अटॉर्नी जनरल बॉन्डी पर नाम छिपाने का आरोप
अमेरिका में कुख्यात कारोबारी और दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। संसद की एक समिति की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल बॉन्डी पर आरोप लगा कि उन्होंने एपस्टीन के प्रभावशाली साथियों के नाम छिपाए। रिपब्लिकन सांसदों ने न्याय विभाग की कार्रवाई पर सवाल उठाए और कहा कि कानून के बावजूद पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई। सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन सांसद थॉमस मैसी ने बॉन्डी से सीधे सवाल किए। उन्होंने कहा कि एपस्टीन यौन तस्करी जांच से जुड़े दस्तावेजों में संभावित सह-साजिशकर्ताओं की सूची में अरबपति कारोबारी लेस्ली वेक्सलर का नाम काला कर छिपाया गया। मैसी ने इसे कानून का पालन न करना और बड़ी विफलता बताया। जवाब में बॉन्डी ने कहा कि वेक्सलर का नाम दूसरे जारी दस्तावेजों में मौजूद है और आपत्ति उठने के 40 मिनट के भीतर उसे बिना ढंके जारी कर दिया गया।
