बिच्छू डॉट कॉम: टोटल रिकॉल/सीएम, एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ करेंगे ट्रांसफर

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सीएम, एमएसएमई इकाइयों को 169 करोड़ करेंगे ट्रांसफर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव समर्थ एमएसएमई विकसित मप्र की थीम पर सीएम हाउस पर सोमवार सुबह 10 बजे आयोजित कार्यक्रम में 257 से अधिक एमएसएमई इकाइयों को उनके खाते में 169.57 करोड़ से अधिक की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर करेंगे। साथ ही स्टार्टअप को भी लगभग 28 लाख से अधिक की अनुदान राशि की प्रथम किश्त भी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री को कार्यक्रम में लघु उद्योग निगम की ओर से एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप 8 करोड़ रुपए के अंतरिम लाभांश राशि का चेक भी सौंपेंगे। मप्र स्टार्टअप नीति एवं कार्यान्वयन ईआईआर योजना अंतर्गत सहायता के रूप में प्रदेश के 43 जिलों के 286 स्टार्टअप्स को 3.43 करोड़ रुपए स्वीकृत किए गए हैं। मुख्यमंत्री प्रथम किस्त की राशि 28.6 लाख का वितरण सिंगल क्लिक से करेंगे। कार्यक्रम में आगर मालवा एवं बैतूल जिले के 3 उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के लिए आवंटन आदेश एवं एक उद्यमी को आशय पत्र का वितरण किया जाएगा। सीएम ऑनलाइन उद्यमियों को विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में भूमि आवंटन प्रमाण पत्र और आशय पत्र भी प्रदान करेंगे। मुख्यमंत्री से अनेक उद्यमी संवाद भी करेंगे।

कई जगह लोग पेट्रोल-डीजल के लिए भी परेशान, मंत्री बोले- कोई कमी नहीं
प्रदेश में कई स्थानों पर पंप संचालकों ने पेट्रोल-डीजल देने की लिमिट तय कर दी है। उससे ज्यादा पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। ऐसे ही लोगों को गैस सिलेंडर के लिए तपती दोपहर में लंबी लाइनों में लगना पड़ रहा है। सागर जिले के बीना में रविवार को एक पेट्रोप पंप बंद था और दूसरे पर बाइक चालकों को 200 रुपए से ज्यादा का पेट्रोल नहीं मिल रहा था। ऐसे ही मऊगंज में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच बड़ी संख्या में लोग खाली सिलेंडर लेकर थाने पहुंच गए। इन सबके बीच खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्री गोविंद सिंह राजपूत का दावा है कि प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। एलपीजी, पेट्रोल, डीजल, पीएनजी एवं सीएनजी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि लोग किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यकता अनुसार ही पेट्रोल, डीजल क्रय करें। किसी प्रकार का संग्रह न करें। उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत एलपीजी की कालाबाजारी रोकने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है।

प्रदेश के 1.40 करोड़ उपभोक्ताओं को सस्ती दर पर मिल रही बिजली
प्रदेश के कुल एक करोड़ 90 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से लगभग एक करोड़ 40 लाख यानी 74 प्रतिशत उपभोक्ताओं को सस्ते दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। उपभोक्ता श्रेणी के आधार पर यह दर अधिकतम 2.78 रुपए प्रति यूनिट तक होती है, जो कि वास्तविक दर 7.05 प्रति यूनिट से काफी कम है। इन उपभोक्ताओं को दी जा रही सब्सिडी का भार राज्य शासन द्वारा वहन किया जाता है। ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि हर माह लगभग 1 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं से प्रथम 100 यूनिट पर मात्र 100 रुपए ही लिए जा रहे हैं। वहीं लगभग 28 लाख कृषि उपभोक्ताओं से कुल वार्षिक देयक की मात्र 7 से 15 प्रतिशत राशि 2 किश्तों में ली जा रही है।

जल संसाधन में 19.12 करोड रु. का घोटाला, सीबीआई जांच कराएं
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने जल संसाधन विभाग में सामने आए बड़े पैमाने के वित्तीय घोटाले को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने गलत गणना, मनमाने आधार पर महीनों का चयन और सूचकांक में हेराफेरी करके ठेकेदारों को कुल 19.12 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भुगतान कर दिया, जिससे प्रदेश के खजाने को सीधा भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने विभागीय गतिविधियों में नौशाद और अश्विन नाटू नाम के गैर-सरकारी व्यक्तियों की भूमिका पर भी सवाल उठाया। पटवारी ने विभिन्न सिंचाई परियोजनाओं में हुई अनियमितता का ब्योरा देते हुए कहा कि पूरे मामले की एसआईटी अथवा सीबीआई से जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाए।

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