बिच्छू डॉट कॉम:टोटल रिकॉल/उज्जैन में 18 एकड़ में बनेगा 3000 रूम वाला भक्त निवास: मुख्यमंत्री

उज्जैन में 18 एकड़ में बनेगा 3000 रूम वाला भक्त निवास: मुख्यमंत्री
महाकाल में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 3 हजार कमरों वाला भक्त निवास का निर्माण किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को इस महाकालेश्वर भक्त निवास परियोजना (सीएसआर एवं दान वेब पोर्टल) का औपचारिक शुभारंभ किया। इसकी लागत करीब 672 करोड़ रुपए है और यह 18.65 एकड़ भूमि पर विकसित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने श्री. महाकाल लोक में 5 दिनी महाकाल महोत्सव का शुभारंभ भी किया। भक्त निवास परिसर होर फाटक ब्रिज के समीप यूनिटी मॉल के सामने और महाकालेश्वर मंदिर से 10 मिनट की दूरी पर है। परियोजना के तहत 18 आवासीय ब्लॉकों का निर्माण किया जाएगा, जिनमें करीब 3,000 कक्षों की सुविधा होगी। इसमें भोजनालय, व्यावसायिक सुविधाएं, प्रशासनिक भवन, सार्वजनिक उपयोग की संरचनाएं तथा 1,000 कार और 15 बसों की पार्किंग व्यवस्था भी विकसित की जाएगी।
एआई-सक्षम शासन के लिए प्रस्तुत होगा प्रदेश का रोडमैप
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 15 जनवरी को भोपाल में मप्र रीजनल एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस-2026 में एआई-सक्षम शासन और आर्थिक परिवर्तन के लिए मप्र के रणनीतिक रोडमैप को प्रस्तुत करेंगे। यह कॉन्फ्रेंस एआई इनेबल्ड गवर्नेंस फॉर एन एम्पॉवर्ड भारत की थीम पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा इंडिया एआई मिशन के सहयोग से आयोजित की जा रही है। इससे एआई आधारित शासन, तकनीक एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अकादमिक और उद्योग समन्वय को बढ़ावा मिलेगा। कॉन्फ्रेंस में स्पेस टेक नीति लॉन्च होगी, विभिन्न समझौता ज्ञापनों और नवाचार एवं युवा एआई पहलों से संबंधित महत्वपूर्ण घोषणाएं की जाएंगी। कॉन्फ्रेंस में मप्र इनोवेशन एक्सपो का शुभारंभ भी किया जाएगा, जिसमें इंडिया एआई पेवेलियन, मप्र पेवेलियन, स्टार्ट अप शो-केस, हैकाथॉन एरिना और स्टार्ट अप प्रतियोगिता शामिल होंगी।
प्रदेश में ऑनलाइन परिवहन सेवाओं की संख्या जल्द बढक़र होगी 100
दिल्ली में पांच दिन पहले दो दिवसीय राष्ट्रीय बैठक हुई। परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा के अनुसार, इसमें फैसला लिया कि अब परिवहन सेवाओं की संख्या 58 से बढ़ाकर 100 की जाएगी। केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित 58 सेवाओं में से 50 को ऑनलाइन लागू कर परिवहन विभाग देश में पहले स्थान पर पहुंच गया है। पुराने वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर सुरक्षित रखकर, उसे नए खरीदे गए वाहन पर लगाने की सुविधा को नंबर रिटेंशन सेवा कहते हैं। मप्र मोटरयान नियम-1994 में संशोधन किए जा रहे हैं। इसे नहीं हटाया है। लोक परिवहन चालकों को दिया जाने वाला प्रमाणपत्र पब्लिक सर्विस बैज, पीएसवी मप्र में प्रासंगिक नहीं है। इसे हटा दिया गया है।
बिजली डिमांड ने तोड़ा रिकॉर्ड, पहली बार बीस हजार मेगावॉट की आपूर्ति
मप्र में बिजली की डिमांड ने पिछले सालों के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बुधवार को पहली बार प्रदेश में बिजली की डिमांड 19895 मेगावॉट तक पहुंची है। प्रदेश की बिजली कंपनियों ने डिमांड की आपूर्ति भी बिना व्यवधान के पूरी की। प्रदेश ने अब तक की सर्वाधिक विद्युत मांग को पूरा करते हुए कंपनियों ने नया कीर्तिमान बनाया। बुधवार सुबह 10:36 बजे 19,895 मेगावाट की रिकॉर्ड मांग दर्ज की गई। इस दौरान सभी विद्युत उत्पादन, पारेषण एवं वितरण कंपनियों ने समन्वित प्रयास करते हुए 19,895 मेगावाट की मांग की आपूर्ति की, जिससे पर्व के दिन लगातार और भरोसेमंद बिजली उपलब्ध रही। एमपी पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर के मुख्य अभियंता प्रदीप सचान ने बताया कि अधिकतम मांग के समय मध्यप्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 5380 मेगावाट, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 6382 मेगावाट तथा पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी में 7780 मेगावाट की मांग दर्ज की गई।

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