
सांची ब्रांड का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए: डॉ. यादव
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के दुग्ध उत्पादन को औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार का भी आधार बनाया जाए। दुग्ध उत्पादन और उसकी प्रोसेसिंग व मार्केटिंग में रोजगार की अपार संभावनाएं हैं। इसके साथ ही दुग्ध उत्पादन कृषकों की आय बढ़ाने में भी प्रभावी रूप से सहायक है। सभी जिलों में समन्वित रूप से गतिविधियों संचालित करते हुए सांची ब्रांड का अधिक से अधिक विस्तार किया जाए। सांची प्रोडेक्ट्स की ब्रांडिंग में गोवंश और गोपाल को शामिल किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह निर्देश मप्र स्टेट को-ऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन तथा राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के मध्य हुए एग्रीमेंट के अंतर्गत गठित राज्य स्तरीय संचालन समिति की बैठक में दिए। बैठक में सीएम हाउस में हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने किसानों की दक्षता और क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से ग्राम स्तर तक गतिविधियां संचालित की जाएं। यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि दुग्ध संकलन की मजबूत निगरानी हो।
हर जनजातीय ब्लॉक में खुलेगा सांदीपनि विद्यालय, 8 वन्या रेडियो फिर होंगे शुरू
जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह ने कहा कि प्रदेश में आगामी 3 साल में जनजातीय वर्ग के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा सुविधाओं में तेजी से विस्तार किया जाएगा। प्रत्येक जनजातीय विकासखंड में सांदीपनि विद्यालय की स्थापना की जाएगी। प्रत्येक जनजातीय विकासखंड में एकलव्य विद्यालय, माता शबरी कन्या शिक्षा परिसर और बालक आदर्श आवासीय विद्यालय की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि आदिवासियों की संस्कृति व परंपराओं के संरक्षण के लिए खंडवा जिले में एक केंद्र खोला जाएगा। यहां पर पढ़ाई नहीं होगी, बल्कि आदिवासी छात्र-छात्राओं को उनके पारंपरिक लोकनृत्य, उनका पहनावा, खान-पान, बोली आदि की जानकारी दी जाएगी।
प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य
जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि वर्ष 2003-04 में प्रदेश का सिंचाई रकबा 7.50 लाख हेक्टेयर था, जो वर्तमान में 54.06 लाख हेक्टेयर हो गया है। पिछले दो साल में सिंचाई रकबे में 7.31 लाख हेक्टेयर की वृद्धि हुई है। प्रदेश की सिंचाई क्षमता में वर्ष 2026 तक 8.44 लाख हेक्टेयर की वृद्धि होगी। प्रदेश में सिंचाई क्षेत्र 100 लाख हेक्टेयर तक ले जाने का लक्ष्य लेकर कार्य किया जा रहा है। एक वर्ष में इसे 65 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाने का लक्ष्य है। माइक्रो सिंचाई पद्धति में मप्र देश में अग्रणी राज्य है। जल संरक्षण एवं संवर्धन क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए मप्र को राष्ट्रीय जल अवार्ड मिला है। मंत्री सिलावट ने मंगलवार को पत्रकारों से चर्चा में 2 वर्ष की विभागीय उपलब्धियों व आगामी 3 साल की कार्ययोजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह मप्र का सौभाग्य है कि यहां पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नदी जोड़ो के सपने को साकार करने का कार्य शुरू हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केन-बेतवा बहुउद्देशीय नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना का प्रदेश में शुभारंभ किया।
आरटीओ संतोष पॉल की 3.38 करोड़ रुपए की संपत्तियां कुर्क
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भोपाल जोनल कार्यालय ने बड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्रीय अधिकारी परिवहन (आरटीओ) संतोष पॉल व पत्नी रेखा पॉल की 3.38 करोड़ रुपए मूल्य की अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई पीएमएलए एक्ट में की है। ईडी ने जांच आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू), भोपाल द्वारा एफआइआर के आधार पर शुरू की थी। इसमें आरटीओ पॉल पर आय से अधिक दर्ज संपत्ति अर्जित करने के आरोप हैं। जांच में पता चला कि दंपती की सत्यापित वैध आय 73.26 लाख रुपए रही, जबकि 4.80 करोड़ की संपत्ति अर्जित की व खर्च किया। 4.06 करोड़ की अनुपातहीन संपत्ति का खुलासा हुआ।
