बिच्छू डॉट कॉम टोटल रिकॉल/लाड़ली लक्ष्मी ने लिंगानुपात में किया सुधार: मुख्यमंत्री

लाड़ली लक्ष्मी ने लिंगानुपात में किया सुधार: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुधवार को बुंदेलखंड अंचल के दमोह और सागर जिलों के अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल होकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों और महिलाओं के समग्र उत्थान के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है, क्योंकि मप्र ही वह प्रदेश है, जहां बेटियां जन्म से लेकर आजीवन पूजी जाती हैं। उन्होंने दमोह जिले के हटा में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन को संबोधित करते हुए लाड़ली लक्ष्मी योजना की सराहना करते हुए कहा कि इसके कारण प्रदेश के लिंगानुपात में व्यापक सुधार हुआ है और समाज की सोच बदली है। इस अवसर पर सीएम ने सिंगल क्लिक के माध्यम से दमोह जिले के लिए 405 करोड़ 58 लाख रुपए से अधिक की लागत के 13 विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मुख्यमंत्री ने हटा को शिवकाशी की तर्ज पर विकसित करने, एमएलवी स्कूल में ऑडिटोरियम बनाने और हटा के महाविद्यालय में कृषि, उद्यानिकी एवं पशुपालन संकाय शुरू करने की घोषणा की। साथ ही, पटेरा में नया महाविद्यालय खोलने का भी आश्वासन दिया। सीएम ने सागर में ज्ञानवीर विश्वविद्यालय का शुभारंभ किया।
प्रदेश में सिंचाई का रकबा झूठा बताया जा रहा: पटवारी
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुधवार को आरोप लगाया कि जल संसाधन विभाग में फर्जी बैंक गारंटी लगाकर टेंडर लिए जा रहे हैं। टेंडरों में शामिल 6-7 कंपनियों की ही काम मिलता है। उन्होंने मांग की विभाग की बैंक गारंटियों की तत्काल जांच कराई जाए। जल संसाधन और एनवीडीए में ई-बैंक गारंटी प्रणाली लागू की जाए। 2023-24 के टेंडरों की न्यायिक जांच हो। कंपनियों को किए गए भुगतानों का स्वतंत्र ऑडिट कराया जाए। सरकार 15 दिन में कार्रवाई नहीं करती है तो पार्टी सीबीआई से शिकायत करेगी। जीतू ने कहा कि सरकार प्रदेश में सिंचाई का जो रकबा बता रही है वह झूठा है। खुद कांग्रेस भौतिक सत्यापन करेगी। आरोप लगाया कि केन-बेतवा लिंक परियोजना और भोपाल में भाजपा कार्यालय बनाने का काम एक ही कंपनी नागार्जुन कंस्ट्रक्शन के पास है। परियोजना का काम ठप है। कार्यालय का काम चल रहा है।
नियमों में बदलाव: अब नहीं चलेगी बहानेबाजी, ई-मेल से नोटिस की तामील
सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच या अनुशासनात्मक कार्रवाई अब इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से भी हो सकेगी। सरकार ने इन्हें विधिक मान्यता दे दी है। कार्रवाई संबधी प्रक्रिया संबंधित विभागीय पोर्टल के जरिए इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन तरीके से संचालित होंगी। आरोपी कर्मचारियों को नोटिस की तामील ई-मेल से मान्य की जाएगी। इससे कर्मचारी इनकार नहीं कर सकेंगे। बहाना भी नहीं बना सकेंगे। सरकार ने विभागीय जांच केस के निराकरण में तेजी लाने, प्रशासनिक कसावट लाने के लिए यह फैसले किए हैं। अब आरोपी कर्मी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी जांच अधिकारी के समक्ष पक्ष रख सकेंगे। ईमेल से दस्तावेज भेज सकेंगे।
अंजना हत्याकांड की जांच करेगी सीबीआई
सागर जिले के बरोदिया नौनागिर में बहुचर्चित अंजना हत्याकांड मामले में सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच के आदेश दिए हैं। आदेश जस्टिस एमएम सुंदरेश और एनके सिंह की बेंच ने दिए हैं। इस मामले में एक साल पहले सुप्रीम कोर्ट ने मध्यप्रदेश सरकार और सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया था। हत्याकांड की जांच और सुनवाई को लेकर पूछा गया था। अब मध्यप्रदेश पुलिस की जांच को इस पूरे मामले से अलग-थलग करते हुए कोर्ट ने सीबीआई को मामला सौंप दिया है। सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता ने निष्पक्ष सुनवाई की मांग और मामले में पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह के करीबियों के शामिल होने की बात कहते हुए याचिका दायर की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मामले को सुनवाई योग्य मानते हुए मप्र सरकार और सीबीआई से जवाब मांगा था। इससे पहले प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी मामले की सीबीआई जांच की मांग कर चुके थे।

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