बिच्छू डॉट कॉम: टोटल रिकॉल/मालखाने में हिसाब गड़बड़ मिला तो प्रभार दिए बिना गए थाना प्रभारी होंगे जिम्मेदार

थाना प्रभारी

मालखाने में हिसाब गड़बड़ मिला तो प्रभार दिए बिना गए थाना प्रभारी होंगे जिम्मेदार
प्रदेश के कई थानों में थाना प्रभारी स्थानांतरित होने के बाद बिना प्रभार सौंपे चले जाते हैं। इसकी बड़ी वजह थाने के मालखाने में रखी जब्त सामग्री के हिसाब में गोलमाल भी रहता है। दो माह पहले बालाघाट के कोतवाली थाने में मालखाना प्रभारी राजीव पंद्रे ने 55 लाख रुपये गायब कर दिए। उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो पता चला कि वह जुआ में यह राशि हार गया था। घटना की जांच में यह भी सामने आया कि यहां पूर्व के थाना प्रभारी ने प्रभार ही नहीं सौंपा था। अन्य जिलों के थानों में भी इसी तरह के मामलों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस मुख्यालय ने अब सभी पुलिस अधीक्षकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रभार नहीं दिया तो थाने के मालखाने के भंडार में किसी चीज की कमी मिलने पर प्रभार नहीं देने वाला थाना प्रभारी जिम्मेदार माना जाएगा। उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी। उसके बाद उस क्षेत्र एसडीओपी या सीएसपी और एडिशनल एसपी को भी जिम्मेदार माना जाएगा। यानी, अब उनकी भी जिम्मेदारी यह देखने की रहेगी कि थाना प्रभारी ने प्रभार सौंपा है या नहीं।

रीना बौरासी प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष, अवनीश सेवादल प्रमुख बने
प्रदेश में कांग्रेस ने संगठन सृजन अभियान के अंतर्गत जिला अध्यक्षों की नियुक्त करने के बाद बुधवार को दो प्रदेश स्तरीय नियुक्तियां कीं। प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया को बनाया गया है। वह प्रदेश महासचिव रही हैं। वहीं, सेवादल का प्रदेश अध्यक्ष अवनीश भार्गव को नियुक्त किया है। वह कई जिलों के प्रभारी रह चुके हैं। कांग्रेस ने वर्ष 2025 को संगठन वर्ष घोषित किया है। इसमें पूरा जोर संगठन सूजन पर है। प्रदेश युवा कांग्रेस के चुनाव हाल ही में संपन्न हुए हैं। जल्द ही छात्र इकाई के चुनाव घोषित होने वाले हैं। वहीं, महिला कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान प्रारंभ करने से पहले प्रदेश अध्यक्ष बदला गया है। 20 में विभा पटेल इस दायित्व को संभाल रही थीं। उनके स्थान पर संगठन में काम कर चुकीं रीना बौरासी को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। रीवा पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू की पुत्री हैं, जिन्हें पार्टी ने 2023 के चुनाव में पार्टी से बगावत करने के कारण निष्कासित कर दिया था।

मुख्य अभियंता को प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शुक्रवार करने होंगे दौरे
मध्य प्रदेश में 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अधोसंरचना विकास के काम चल रहे हैं। कई महत्वपूर्ण सडक़ परियोजनाएं संचालित हैं। गुणवत्तायुक्त और समय सीमा में निर्माण को प्राथमिकता में रखते हुए निरीक्षण के लिए त्रिस्तरीय व्यवस्था बनाई है। प्रत्येक माह दो बार औचक निरीक्षण कराने के साथ अब विभाग स्तर पर क्वालिटी कंट्रोल सेल बनाई गई है तो विभागाध्यक्ष कार्यालय स्तर पर भी गुणवत्ता नियंत्रण टीम का गठन किया जा रहा है। मुख्य अभियंताओं को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले. जिलों में प्रत्येक सप्ताह बुधवार और शुक्रवार को दौरे करने होंगे। डायरी भरनी होगी और प्रतिवेदन भी आनलाइन देना होगा। दरअसल, भारत सरकार आगामी तीन वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये का निवेश करने जा रही है। इसे देखते हुए लोक निर्माण विभाग ने तय किया है कि निर्माण कार्य गुणवत्तायुक्त और समयसीमा में हों। इसके लिए हर स्तर पर निगरानी बढ़ाई गई है। प्रत्येक माह में दो बार सभी परिक्षेत्रों में सडक़, पुल-पुलिया और भवनों का इंजीनियरों की टीम भेजकर निरीक्षण कराया जा रहा है।

अलग-अलग क्षेत्रों में निकाली जा रही आदिवासी विकास यात्रा, दूसरा चरण 15 दिसंबर से
आदिवासी मध्य प्रदेश में कांग्रेस की बड़ी ताकत रहे हैं। लगभग हर चुनाव में कांग्रेस इनकी ही बदौलत मुकाबले में टिकती है। वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में इनका झुकाव कांग्रेस की ओर हुआ तो पार्टी की सरकार बनी। भाजपा ने इस वर्ग पर काफी काम किया और सरकार का फोकस भी है। प्रधानमंत्री जनमन योजना के माध्यम से अधोसंरचना विकास के काम किए जा रहे हैं। इसे देखते हुए कांग्रेस आदिवासियों को एकजुट करने में जुटी है। जल, जंगल और जमीन के अधिकार को मुद्दा बनाया जा रहा है। आदिवासी कांग्रेस ग्राम चौपाल तो विधायक अपने-अपने क्षेत्र में बैठके कर रहे हैं। कांग्रेस ने आदिवासी विकास यात्रा का पहला चरण पूरा कर लिया है और दूसरा चरण 15 दिसंबर से महाकौशल में आरंभ होगा। 230 सदस्यीय विधानसभा में 47 सीटें एसटी यानी आदिवासी वर्ग के लिए सुरक्षित हैं। वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने कुल 66 सीटें जोतीं।

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