
पचमढ़ी अभ्यारण्य की सीमा से बाहर हुई 395 हेक्टेयर जमीन
मध्यप्रदेश सरकार ने राज्य के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी के निवासियों के साथ सरकारी विभागों को बड़ी राहत दे दी है। वन विभाग ने राजपत्र (नोटिफिकेशन) जारी करते हुए पचमढ़ी अभयारण्य की सीमाओं में बड़ा बदलाव किया है। इस फैसले के बाद अब पचमढ़ी शहर की 395.939 हेक्टेयर जमीन को अभयारण्य के दायरे से बाहर कर दिया गया है। 1977 में जब पचमढ़ी अभयारण्य घोषित किया गया था, तब इसका कुल क्षेत्रफल लगभग 654.49 वर्ग किलोमीटर तय किया गया था। इस सीमा के भीतर शहर की कई रिहायशी और सरकारी जमीनें भी आ गई थीं, जिससे स्थानीय लोगों के साथ सरकारी महकमों को भी निर्माण और अन्य कार्यों में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था, क्योंकि पचमढ़ी सैंक्चुरी में शामिल इन रिजर्व एरिया की जमीनों पर किसी भी तरह का निर्माण करने के लिए वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की सख्त अनुमतियां लेनी होती थीं। वहां के नागरिकों ने इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने प्रदेश सरकार को इस संबंध में कार्रवाई का निर्देश दिया था।
आलोक नागर व भट्ट बने सूचना आयुक्त
राज्य सरकार ने मप्र राज्य सूचना आयोग में दो सूचना आयुक्तों की नियुक्ति कर दी है। इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। इस संबंध में पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के साथ हुई बैठक में इन नामों पर सहमति हुई थी, जिसे राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने भी मंजूरी प्रदान कर दी। सामान्य प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार फर्म एंड सोसाइटी के पूर्व रजिस्ट्रार आलोक नागर और दूरदर्शन में कार्यरत राजेश भट्ट को राज्य सूचना आयोग में आयुक्त बनाया गया है। नियुक्त सूचना आयुक्तों का कार्यकाल तीन वर्षों तक रहेगा या फिर उनकी उम्र राज्य चुनाव आयोग में अधिकतम 10 सूचना आयुक्त नियुक्त किए जा सकते हैं। सरकार ने मुख्य सूचना आयुक्त विजय यादव के साथ आयुक्त के पद पर डॉ. वंदना गांधी, डॉ. उमाशंकर पचौरी और ओंकार नाथ की नियुक्ति की थी।
पूर्व महापौर सहित पांच के खिलाफ प्रकरण दर्ज
वाहन चैकिंग के पुलिसकर्मी के साथ अभद्रता और वर्दी फाडऩे के आरोप में पूर्व महापौर सहित पांच आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। इसके अलावा पुलिस कर्मी के खिलाफ दर्ज की गयी एफआईआर में खात्मा रिपोर्ट पेश की गयी थी। एसटी आफ के द्वारा उक्त जानकारी हाईकोर्ट में पेश की गयी। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा तथा जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने एसटीएफ के द्वारा पेश की गयी रिपोर्ट को रिकॉर्ड में लेते हुए याचिका का निराकरण कर दिया। जबलपुर निवासी अधिवक्ता मोहित वर्मा की तरफ से दायर जनहित याचिका में कहा गया था कि पूर्व महापौर प्रभात साहू को लार्डगंज थानान्तर्गत बल्देवबाग के समीप वाहन चेकिंग दौरान पुलिसकर्मी ने बिना हेलमेट पहने वाहन चलाते हुए रोका था।
विवाद खत्म… मुकेश मौर्य होंगे अजाक्स के प्रांताध्यक्ष
मध्यप्रदेश अनुसूचित जाति-जनजाति अधिकारी एवं कर्मचारी संघ (अजाक्स) में लंबे समय से चला आ रहा नेतृत्व का विवाद अब पूरी तरह समाप्त हो गया है। सामान्य प्रशासन विभाग के कर्मचारी कल्याण प्रकोष्ठ ने स्थिति स्पष्ट करते हुए आदेश जारी किया है कि ची. मुकेश मौर्य ही संगठन के वैधानिक प्रांताध्यक्ष होंगे। जीएडी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, मौर्य को वैधानिक अध्यक्ष और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी विशेष गढ़पाले को कार्यवाहक प्रांताध्यक्ष मान्य किया गया है। जानकारी के मुताबिक निर्णय रजिस्ट्रार फर्म्स एवं सोसायटी की अधिकृत मान्यता प्राप्त सूची के परीक्षण के बाद लिया गया है। शासन ने प्रदेश के सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि अब अजाक्स की ओर से मांगपत्रों और अन्य सभी आधिकारिक पत्राचार के लिए केवल मौर्य ही अधिकृत होंगे।
