बिच्छू डॉट कॉम:टोटल रिकॉल/लहार विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप

लहार विधानसभा क्षेत्र में एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को दो शिकायतें सौंपीं। ये शिकायतें कांग्रेस के चुनाव आयोग कार्य प्रभारी एडवोकेट जेपी धनोपिया द्वारा की गई हैं। पहली शिकायत में पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह द्वारा लहार विधानसभा क्षेत्र 11 में गंभीर अनियमितताओं होना बताया गया है। शिकायत में कहा गया है कि क्षेत्र के अधिकांश बीएलओ द्वारा आज दिनांक तक गणना पत्रक वितरित ही नहीं किए गए हैं। इस कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पा रहे हैं। कांग्रेस ने इसे निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया का उल्लंघन बताया है और संबंधित अधिकारियों कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी करने की मांग की है। दूसरी शिकायत में बीएलओ द्वारा मतदाताओं को गुमराह किए जाने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि कई स्थानों पर बीएलओ मतदाताओं को यह कहकर नाम जोडऩे से मना कर रहे हैं कि केवल वर्ष 2003 की मतदाता सूची में पिता माता का नाम होने पर ही नया नाम जोड़ा जाएगा, जबकि ब्लड रिलेशन में आने वाले चाचा, ताऊ, भाई आदि के आधार पर भी नाम शामिल किए जा सकते हैं कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से आग्रह किया है कि निर्देश दिए जाएं।

नकली खाद-बीज पर संसद में पास करेंगे कड़ा कानून
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि गरीब-आदिवासी हितैषी मोहन सरकार में किसी गरीब की जमीन नहीं छिनेगी। जिस वन भूमि पर सालों से खेती हो रही है, उसे छीनने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने चेतावनी दी कि जो अधिकारी बिना सोचे समझे नोटिस देकर ऐसे परिवारों पर दबाव बना रहे हैं, उनकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। चौहान शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र की सिलवानी विधानसभा में जनजातीय गौरव दिवस सहित कई आयोजनों में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि एक कंपनी के खराब बीज से धान की फसल खराब होने की शिकायत मिली है। इसकी जांच दिल्ली के वैज्ञानिकों से कराएंगे। बहीं, नकली खाद बीज और पेस्टिसाइड का कारोबार किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा। संसद के आगामी ग्रीष्मकालीन सत्र में ऐसे मामलों के खिलाफ कड़ा कानून लाया जाएगा।

413 निकायों में इस साल लगे 36 लाख पौधे, 2026 के प्लांटेशन के लिए अब रणनीति बनेगी
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के मुताबिक प्रदेश के 413 नगरीय निकायों में साल 2025 में कुल 36 लाख पौधे लगाए गए हैं। अब विभाग ने निकायों से कार्य-योजना दिसम्बर-2025 तक पूर्ण करने के लिए भी कहा है। इस काम की मॉनिटरिंग विभागीय डायरेक्टरेट से नवंबर महीने से ही शुरू कर दी जाएगी। विभाग के निर्देशों में कहा गया है कि निकाय अपने क्षेत्रों में वर्ष 2026 के प्लांटेशन लक्ष्यों का पहले से ही आकलन करें और उसके अनुसार रणनीति बनाएं। निकायों को यह भी सुनिश्चित करने के लिये कहा गया है कि कुल लक्ष्य में से शेष पौध रोपण का काम निकायों द्वारा अपने संसाधनों से ही करना होगा। निकाय सीवरेज ट्रीटमेंट प्लोट, वाटर ट्रीटमेंट प्लान, ओवरहेड टैंक के आसपास की भूमि, सडक़ों के दोनों ओर, स्कूल, कॉलेज, अस्पताल एवं शासकीय परिसरों की बाउण्ड्रीयुक्त भूमि, नदियों, नालों, तालाबों, डैम एवं नहरों के किनारों के साथ मुक्तिधाम और खेल मैदानों के आसपास का क्षेत्र चिन्हित करने के लिये कहा गया है।

जहां बाउंड्री नहीं, मेहंदी के पौधे लगाएं
आयुक्त नगरीय प्रशासन संकेत भोंडवे ने निर्देश देकर कहा है कि शहरी क्षेत्र के कुछ भवनों में बाउण्ड्री-वॉल नहीं होती है, वहाँ मेहंदी की बाउण्ड्री-वॉल सुरक्षा के हिसाब से लगाने के प्रस्ताव भी तैयार किए जाएं। इससे परिसर में सुरक्षा के साथ हरियाली का भी विस्तार होगा। नगरीय निकायों से कहा गया है कि शहरी क्षेत्रों में वर्ष 2026 के पौध रोपण के साथ जल संरक्षण से संबंधित प्रस्ताव भी तैयार किए जाएं।

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