
- बूथ से लेकर राष्ट्रीय मंच तक चलेगा अभियान
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर जारी राजनीतिक टकराव अब जनसंपर्क और संगठनात्मक अभियान का रूप लेने जा रहा है। विपक्ष के आरोपों का जवाब देने के साथ भाजपा इस मुद्दे पर अपनी बात जनता तक पहुंचाने की रणनीति बना रही है। पार्टी ने इसके लिए ‘लोकतंत्र बचाओ, भीड़तंत्र छोड़ो’ नारे के साथ 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक अभियान चलाने की तैयारी की है। मध्य प्रदेश में इस अभियान को लेकर प्रदेश भाजपा कार्यालय में बैठक कर कार्यक्रमों और जिम्मेदारियों का खाका तैयार किया गया है। पार्टी की योजना राष्ट्रीय स्तर की प्रेस कॉन्फ्रेंस से लेकर विधानसभा क्षेत्रों में संवाद कार्यक्रम, पदयात्रा और सोशल मीडिया अभियान चलाने की है। इससे एसआईआर को लेकर चल रही बहस को स्थानीय स्तर तक ले जाने पर जोर रहेगा। भाजपा की रणनीति केवल विपक्ष के आरोपों का जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगी। पार्टी नेताओं के अनुसार, मतदाता सूची के पुनरीक्षण और चुनावी पारदर्शिता से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच तथ्य रखने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। भाजपा विपक्ष के विरोध को लेकर भी सवाल उठाने की तैयारी में है। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची से अपात्र नाम हटाना चुनावी प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए जरूरी है। दूसरी ओर, एसआईआर को लेकर विपक्ष की आपत्तियों और आशंकाओं पर राजनीतिक बहस जारी है।
कार्यक्रमों की तारीखों का इंतजार: भाजपा ने अभियान के लिए जिम्मेदारियों का बंटवारा कर दिया है, लेकिन विस्तृत कार्यक्रमों का दिनवार शेड्यूल अभी सामने नहीं आया है। आने वाले दिनों में पदयात्राओं, सम्मेलनों और संवाद कार्यक्रमों की तारीखें तय होने की संभावना है। एसआईआर पर यह अभियान ऐसे समय में प्रस्तावित है, जब मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया और उसके प्रभाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद बने हुए हैं। अब अभियान के दौरान भाजपा किस तरह अपने तर्क जनता के सामने रखती है और विपक्ष इन कार्यक्रमों पर क्या प्रतिक्रिया देता है, इस पर राजनीतिक नजरें रहेंगी।
24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक कार्यक्रम
प्रस्तावित कार्यक्रम के तहत राष्ट्रीय स्तर पर पत्रकार वार्ता आयोजित करने और चुनाव आयोग को ज्ञापन सौंपने की योजना है। प्रदेश में विधानसभा क्षेत्रों के स्तर पर बुद्धिजीवी सम्मेलन और संवाद कार्यक्रम किए जाएंगे। अभियान के दौरान आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगों जैसे ऐतिहासिक मुद्दों को भी उठाने की तैयारी है। इसके अलावा पदयात्रा, युवा संवाद, छात्र प्रतियोगिताओं और जनसंपर्क गतिविधियों के जरिए पार्टी अपनी बात विभिन्न वर्गों तक पहुंचाएगी।
मीडिया और सोशल मीडिया पर भी रहेगा जोर
अभियान में मीडिया प्रबंधन और डिजिटल प्रचार को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। प्रेस कॉन्फ्रेंस और लेखों के प्रबंधन की जिम्मेदारी प्रदेश मीडिया प्रभारी बृजगोपाल लोया, दीपक जैन और आशुतोष तिवारी को दी गई है। सोशल मीडिया अभियान के लिए राज्यमंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल, सुयश त्यागी और सुरेंद्र शर्मा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, विशेषांक पत्रिकाओं और प्रचार सामग्री के प्रबंधन के लिए भी अलग-अलग पदाधिकारियों को शामिल किया गया है। इस व्यवस्था के जरिए पार्टी पारंपरिक जनसंपर्क माध्यमों के साथ डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी अपनी बात रखने की तैयारी में है।
नेताओं को सौंपी गई अलग-अलग जिम्मेदारियां
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल के निर्देश पर तैयार कार्ययोजना में मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और संगठन के पदाधिकारियों को अलग-अलग कार्यक्रमों की जिम्मेदारी दी गई है। प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे को अभियान का संयोजक बनाया गया है। सांसद एवं प्रदेश महामंत्री लता वानखेड़े, ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार, प्रदेश उपाध्यक्ष नंदिता पाठक, सांसद आलोक शर्मा और विधायक राजेश सोनकर को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दी गई है।
पदयात्रा से युवा संवाद तक, अलग-अलग टीमें तैयार
कार्ययोजना के अनुसार, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, प्रदेश महामंत्री रणवीर रावत और वैभव पवार को पदयात्रा की जिम्मेदारी दी गई है। राष्ट्र चिंतन संवाद के लिए मंत्री राकेश सिंह, विधायक गौरव पारधी और विधायक रीति पाठक को जिम्मेदारी सौंपी गई है। युवा संवाद की कमान मंत्री इंदर सिंह परमार, युवा मोर्चा अध्यक्ष श्याम टेलर और मुदित शेजवार को दी गई है। छात्र प्रतियोगिताओं के लिए मंत्री राव उदय प्रताप सिंह, युवा आयोग अध्यक्ष प्रवीण शर्मा और विधायक नीरज ठाकुर की जिम्मेदारी तय की गई है। वहीं, इन्फ्लुएंसर्स आउटरीच कार्यक्रम के लिए उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, विधायक अर्चना चिटनिस और मनोरंजन मिश्रा को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
