डाक विभाग की जीडीएस भर्ती में बड़ा फर्जीवाड़ा

  • 36 प्रतिशत चयनितों को मिले 10वीं में 100 प्रतिशत अंक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के अंशकालिक पदों की भर्ती में 100 प्रतिशत अंकों का बड़ा घोटाला सामने आया है। इस पद पर हर साल देश भर में हो रही 20-22 हजार लोगों की भर्तियों की न्यूनतम योग्यता 10वीं पास है। इसके चयन का आधार 10वीं के अंक होते हैं।
मध्य प्रदेश सर्किल अनारक्षित: छतरपुर, छिंदवाड़ा, गुना, खंडवा, मंडला, मंदसौर, मुरैना, रतलाम, सागर, विदिशा आदि लगभग सभी मंडलों के बीपीएम, एबीपीएम और डाकसेवक पदों पर यूआर कटऑफ 100 प्रतिशत रही है। जीडीएस में ट्रांसफर के लिए दो साल का नियम है। इसलिए हरियाणा-तेलंगाना के युवा अन्य राज्यों में नौकरी करने को तैयार हैं। उन्हें सिर्फ दो साल काटने होते हैं। भारतीय डाक विभाग में ग्रामीण डाक सेवक के पदों पर भर्ती के लिए पहली मेरिट लिस्ट जारी होने के बाद अब लाखों उम्मीदवारों की निगाहें ‘दूसरी मेरिट लिस्ट’ पर टिकी हैं। वे उम्मीदवार जो बहुत कम अंतर से पहली लिस्ट में जगह बनाने से चूक गए है, उनके लिए मौका रहेगा।
यूपी की कटऑफ: कटऑफ का विश्लेषण करने से पता चलता है कि उत्तर प्रदेश सर्कल में अनारक्षित श्रेणी के तहत सभी डिविजनों और पोस्ट ऑफिसों में केवल 100 फीसद अंक वाले उम्मीदवारों का ही चयन हुआ है। ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस में अधिकांश मंडलों में कटऑफ सामान्य वर्ग के समान ही 98 फीसदी से 100 फीसदी के बीच सिमटी रही।
शिक्षा बोर्ड, दलालों और अधिकारियों की मिलीभगत का संदेह: विभागीय सूत्रों के अनुसार, कुछ वर्षों से संबंधित शिक्षा बोर्ड कर्मचारियों, दलालों और डाक विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से ऐसी अंकसूचियों का दखल बढ़ा है। इसी वजह से फर्जीवाड़ा खुल रहा है, लेकिन विभागीय अधिकारी चुपचाप ऐसे लोगों को सेवा से अलग कर दे रहे हैं।
बिहार बोर्ड की अंकसूचियों पर कार्रवाई
पिछले महीने जबलपुर डाक सर्किल ने बिहार बोर्ड से जारी 100 प्रतिशत अंक वाले आठ लोगों को बर्खास्त किया। इनके विरुद्ध सीबीआई ने मामला दर्ज किया। एजेंसी ने 30 सितंबर को मुरैना से मानवेंद्र सिंह सिकरवार, रमाकांत शर्मा, सौरभ शर्मा और प्रदीप खरे नाम के आरोपितों को गिरफ्तार किया। चार और लोग सागर, देवास और टीकमगढ़ के हैं, जो अभी फरार हैं। ग्रामीण डाक सेवक (जीडीएस) भर्ती प्रक्रिया ऑनलाइन से होती है। इसमें किसी भी राज्य का व्यक्ति आवेदन कर सकता है। नियुक्ति के दौरान दस्तावेजों का सत्यापन होता है। गड़बड़ी मिलने पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
चार राज्यों में सभी चयनितों के  100 प्रतिशत अंक?
सूत्रों के अनुसार इस वर्ष कुल चयनित लोगों में से 8,264 यानी 36 प्रतिशत से अधिक लोग 100 प्रतिशत अंक पाकर 10वीं पास हुए हैं। इनमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू कश्मीर में चयनित सभी के अंक 100 प्रतिशत आए हैं। मध्य प्रदेश में कुल चयनित 1,450 लोगों में 1,155 को 10वीं परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक मिले हैं। यह तब है, जब यहां पिछले सात सालों में केवल 16 लोग 10वीं बोर्ड की परीक्षा में 100 प्रतिशत अंक हासिल कर पाए। उत्तर प्रदेश में चयनित कुल 1,687 लोगों में से 1,616 पूर्णांक पाने वाले हैं।

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