भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर की बदलेगी तस्वीर

  • मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड तीन शहरों में विकसित करेगा आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं
  • 3000 करोड़ से अधिक के प्रोजेक्ट्स में अफोर्डेबल से लग्जरी आवास तक मिलेंगे विकल्प

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड प्रदेश के तीन प्रमुख शहरों भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में 3000 करोड़ रुपये से अधिक की आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजनाएं विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इन परियोजनाओं के जरिए शहरों में किफायती आवास से लेकर लग्जरी फ्लैट तक उपलब्ध कराने के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए दुकानें, शोरूम और ऑफिस स्पेस भी विकसित किए जाएंगे।
हाउसिंग बोर्ड का जोर री-डेवलपमेंट और री-डेवलपमेंट के जरिए उपलब्ध जमीन का बेहतर उपयोग करने पर है, ताकि शहरी क्षेत्रों में आवासीय सुविधाओं का विस्तार किया जा सके। इन परियोजनाओं में भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी योजना सबसे बड़ी मानी जा रही है। जबलपुर के धन्वंतरि नगर में मिश्रित आवासीय-वाणिज्यिक परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है, जबकि ग्वालियर में ग्वाल सागर परियोजना पर काम चल रहा है।
प्रोफेसर कॉलोनी में बनेगी नई योजना
भोपाल की प्रोफेसर कॉलोनी परियोजना पहले छोटे तालाब के नजदीक होने के कारण नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गई थी। अब परियोजना में कलेक्टर कार्यालय को हटाने के बाद संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार की जा रही है। नई योजना में आवासीय भवनों के साथ चौड़ी सडक़ें, पार्क और अन्य नागरिक सुविधाएं विकसित करने की तैयारी है। इस परियोजना पर 2000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा, राजधानी में करीब 1500 करोड़ रुपये की सेंट्रल विस्टा परियोजना की डीपीआर भी तैयार हो चुकी है। इससे भोपाल में आवासीय और व्यावसायिक विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
जबलपुर के धन्वंतरि नगर में 480 करोड़ रुपये की मिश्रित आवासीय एवं व्यावसायिक परियोजना को हाउसिंग बोर्ड की मंजूरी मिल चुकी है। करीब 6.36 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली इस योजना में आवासीय फ्लैट, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, दुकानें और ऑफिस स्पेस बनाए जाएंगे। परियोजना में एक, दो, तीन और चार बेडरूम वाले फ्लैट प्रस्तावित हैं। यहां 60 मीटर तक ऊंची इमारतें बनाने की योजना है, जो शहर की सबसे ऊंची इमारतों में शामिल हो सकती हैं।
योजना के तहत बड़े आकार के 38 ऑफिस हॉल, 112 दुकानें और पार्किंग के लिए 1000 से अधिक स्थान विकसित करने का प्रस्ताव है। परियोजना का टेंडर जल्द जारी किए जाने की तैयारी है। इससे क्षेत्र में आवासीय सुविधाओं के साथ व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
ग्वालियर में 300 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं
ग्वालियर में ग्वाल सागर परियोजना पर 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इसके अलावा, बायपास क्षेत्र में नई आवासीय योजना विकसित करने की तैयारी है। हाउसिंग बोर्ड सूर्यनगर फेज-2 को पहले ही मंजूरी दे चुका है। इन परियोजनाओं के माध्यम से शहर में अलग-अलग आय वर्ग के लोगों के लिए आवासीय विकल्प बढ़ाने के साथ व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी नए स्थान विकसित किए जाएंगे।
अफोर्डेबल से लग्जरी आवास तक पर फोकस
हाउसिंग बोर्ड की इन योजनाओं का उद्देश्य केवल आवासीय इकाइयों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि उपलब्ध जमीन का बेहतर इस्तेमाल कर आवासीय और व्यावसायिक सुविधाओं को एक साथ विकसित करना भी है। इससे लोगों को घरों के साथ बाजार, कार्यालय, पार्किंग और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है। मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड के अध्यक्ष ओम जैन के अनुसार, मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप बोर्ड हाईराइज इमारतों और बड़े आवासीय-वाणिज्यिक प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम कर रहा है। जबलपुर के धन्वंतरि नगर में प्रस्तावित ऊंची इमारत शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। कुल मिलाकर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में प्रस्तावित ये परियोजनाएं शहरी आवास, व्यावसायिक गतिविधियों और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकती हैं। हालांकि, इनके वास्तविक लाभ परियोजनाओं के समय पर शुरू होने, निर्माण पूरा होने और आवासों की कीमतें आम लोगों की पहुंच में रहने पर निर्भर करेंगे।

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