फार्म 6 में नए मतदाता लिखने पर कांग्रेस की आपत्ति

कांग्रेस
  • एसएसआर पर राजनीतिक दलों की बुलाई गई बैठक

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं के नाम काट दिए, अब आप ही फार्म 6 में नए मतदाता लिख रहे हैं। अगले एसआईआर में आयोग चाहे तो इनका नाम काट सकता है कि पिछली बार आपका नाम था ही नहीं।
फार्म 6 को लेकर यह आपत्ति कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) द्वारा बुलाई गई बैठक में उठाई गई। कांग्रेस के चुनाव आयोग से जुड़े कार्यों के प्रभारी जेपी धनोपिया ने आपत्ति जताते हुए कहाकि एसआईआर में जिन लोगों के नाम काटे गए हैं, वे तो पुराने मतदाता है। अन्य स्थान पर चले जाने या मौके पर नहीं मिल सके थे, इन्हें अब नया मतदाता मानते हुए फार्म 6 भरवाना उचित नहीं है। आयोग को स्पष्ट करना चाहिए कि कौन नया है और किसका नाम एसआईआर में कट गया था। सीईओ कार्यालय में बुधवार को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षक एसएसआर को लेकर राजनीतिक दलों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें कांग्रेस की ओर से सेल के प्रभारी धनोपिया और मतदाता सूची प्रभारी ललित सेन शामिल हुए। धनोपिया ने आपत्ति जताते हुए कहाकि फार्म में यह स्पष्ट होना चाहिए कि मतदाता शिफ्टेड है, एबसेंट है या पहली बार 18 साल की उम्र में वोटर बन रहा है। आपने तो केवल नए मतदाता लिख दिया है। इससे मतदाता की पहचान ही नहीं हो पाएगी। आयोग इसमें एक अलग कॉलम बनाए। गलतियां छिपाने के बजाय आयोग को पारदर्शी व्यवस्था रखनी चाहिए।
प्रदेश में बढ़ सकते हैं मतदान केंद्र: बैठक में सीईओ ने बैठक में कि प्रदेश में वर्तमान में 71,930 मतदान केंद्र हैं। जिलों में मतदान केंद्रों का युक्तियुक्तकरण किया जाना है। जहां जरूरत दिखेगी वहां मतदान केंद्रों की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव भी भेजे जा सकते हैं।
अधिकारी दिखे असहाय दिल्ली का किया इशारा
कांग्रेस ने फार्म 6 के साथ ही नई कालोनियों में बीएलओ द्वारा की जा रही गड़बड़ी पर भी आयोग का ध्यान दिलाया। कांग्रेस के धनोपिया ने कहाकि नई कालोनियों के बिना नंबर वाले मकानों के रिकॉर्ड में बीएलओ मनमाने नंबर डाल देते हैं। इससे मतदाता सूची में गड़बड़ी हो जाती है। कांग्रेस की फार्म 6 और नई कालोनियों के मकानों से जुड़ी गड़बड़ी पर सीईओ कार्यालय के अधिकारियों ने यहां से कुछ भी सुधार करने में असमर्थता जताई। अधिकारी बोले के कोई भी बदलाव मुख्य चुनाव आयोग दिल्ली ही कर सकता है। इस पर कांग्रेस ने सभी आपत्तियां दिल्ली भेजने को कहा। साथ ही चुनाव प्रक्रिया में सुधार की मांग की। दौरान इस व्यवस्था में सुधार करने की मांग की। वहीं, भाजपा ने बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति को लेकर अपनी बात रखी।

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