
- सब्जेक्ट का बनेगा ई-कंटेंट, तैयारी कर रहा उच्च शिक्षा विभाग
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। किताबों की बजाय मोबाइल और लैपटॉप को पढ़ाई का जरिया बना रही युवा पीढ़ी के लिए उच्च शिक्षा विभाग भी खुद को बदलने में जुट गया है। खुद को बदलकर उच्च विभाग अब किताबें छपवाने के साथ ही हर संकाय और विषय का ई-कंटेंट भी तैयार करा रहा है। स्नातक के साथ स्नातकोत्तर कक्षाओं के भी ई-कंटेंट विषय विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए जा रहे हैं। ताकि विद्यार्थी अब चलते-फिरते और कहीं भी अध्ययन से जुड़ सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 में ही ई-कंटेंट उपलब्ध कराने की सिफारिश की गई थी। धीरे-धीरे एनईपी की सभी महत्वपूर्ण सिफारिशों को प्रदेश में लागू कर रहे उच्च शिक्षा विभाग ने अब ई-कंटेंट का मॉड्यूल तैयार कराना शुरू कर दिया है। इसके लिए कॉलेजों में पढ़ा रहे प्रोफेसरों से ही इस काम में दिलचस्पी पूछने के बाद प्रांरभिक प्रशिक्षण दिया गया था। अब विभाग सभी विषयों के मॉड्यूल और सब मॉड्यूल बनाने की तैयारी में जुट गया है। पहले सोलह विषयों के ई कंटेंट तैयार किए गए थे, मगर प्रशिक्षण के बाद इनकी संख्या 23 पर पहुंच गई है। सात नए विषयों के ई कंटेंट भी तैयार किए जा रहे हैं। ई कंटेंट बनवाने के साथ ही इन्हें विषय विशेषज्ञों द्वारा सत्यापन भी किया जाएगा। सारे मॉड्यूल व सब मॉड्यूल को विषय विशेषज्ञों की टीम सत्यापित करेगी। टीम द्वारा सत्यापित और संशोधित करने के बाद ही ई-कंटेट ज्ञान सेतु चैनल व यूट्यूब पर अपलोड किए जाएंगे।
स्मार्ट क्लास में भी आएगा काम
विभाग द्वारा तैयार कराए जा रहे यह ई-कंटेंट स्मार्ट क्लास में भी काम आ सकेंगे। इसके मॉड्यूल व सब मॉड्यूल से स्मार्ट क्लास में पढ़ाया जा सकेगा। अध्यापन के दौरान विद्यार्थियों को वीडियो आदि के दौरान भी समझाना
आसान होगा।
भारतीय ज्ञान परंपरा का भी समावेश
विभाग द्वारा हर विषय के ई-कंटेंट में भारतीय ज्ञान परंपरा का भी समावेश किया है। हर विषय में पुरातन भारतीय ज्ञान व पद्धति भी शामिल की गई हैं। इन भारतीय ज्ञान परंपरा को शिक्षकों की टीम द्वारा सत्यापित किया गया है। इससे इन पुरातन पद्धति को भी बढ़ावा मिल सकेगा। हिंदी, संस्कृत, गृह विज्ञान की पढ़ाई भी विद्यार्थी अब चलते-फिरते मोबाइल और लैपटॉप पर कर सकेंगे। इनके वीडियो समझाने में सहायक होंगे।
इन विषयों के ई-कंटेंट तैयार
वनस्पति विज्ञान, रसायन शास्त्र, अंग्रेजी, भौतिक शास्त्र, प्राणी शास्त्र, गणित, राजनीति शास्त्र, भूगोल, गृह विज्ञान एवं टेक्सटाइल एंड क्लोथिंग, अर्थ शास्त्र, समाज शास्त्र, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति व पुरात्व, इतिहास, हिंदी, भूगर्भ शास्त्र, वाणिच्य, संस्कृत, जैव प्रौद्योगिकी, शारीरिक शिक्षा, पुस्तकालय सूचना एवं विज्ञान, संगीत वाद्य एवं गायन, मनोविज्ञान, दर्शन शास्त्र। इन सभी विषयों के ई-कंटेट का सत्यापन करने के लिए चार से सात सदस्यीय शिक्षकों की टीम बनाई है। यह टीम स्टूडियो में बैठकर सारे कंटेंट का सत्यापन करेगी। इसमें टैक्स्ट के साथ ही वीडियो, एनिमेशन, चार्ट, रिफरेंस आदि की जांच करेंगे। इनकी सच्चाई का मिलान कर अपनी सिफारिश देंगे। इस टीम के सत्यापन के बाद ही कोई भी कंटेंट यूट्यूब चैनल पर विद्यार्थियों के लिए अपलोड किए जा सकेंगे।
विषय विशेषज्ञों को जोड़ा
स्टूडियो में हर परंपरागत और आधुनिक विषयों के मॉड्यूल व सब मॉड्यूल बनाने जा रहे हैं। अब इन सारे ई-कंटेट को सत्यापित करने के लिए हर विषय की के लिए चार से सात सदस्यीय समिति बनाई गई है। इसमें संयोजक व सह संयोजक के साथ सदस्य रखे गए हैं। हर विषय के लिए प्रदेश भर के शासकीय महाविद्यालयों के प्रोफेसरों तथा असिस्टेंट प्रोफेसर को टीम में रखा गया है। इन सभी को एक सप्ताह का समय दिया गया है। ताकि पहले चरण का ई-कंटेंट जल्द से जल्द तैयार हो सके।
