जबलपुर से इंदौर तक सरकार बनाएगी इकोनॉमिक कॉरिडोर

इकोनॉमिक कॉरिडोर
  • 7 जिलों को जोड़ेगा नया कॉरिडोर
    भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम।
    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के औद्योगिक विकास, कृषि क्षेत्र, शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना को गति देने के लिए लगभग 27,050 करोड़ के प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। शत-प्रतिशत शासकीय स्वामित्व वाली जबलपुर-इंदौर इकोनॉमिक कॉरिडोर डेवलपमेंट कंपनी लिमिटेड का गठन किया जाएगा। शासन द्वारा 100 करोड़ की प्रारंभिक चुकता पूंजी उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय गवर्निंग काउंसिल और नामित उपाध्यक्ष की अध्यक्षता में कार्यकारी निकाय कार्य करेगा। यह कंपनी भूमि प्रबंधन, मास्टर प्लानिंग, ले-आउट, और आंतरिक अधोसंरचना विकास के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।
    सात जिलों को जोड़ने की योजना
    प्रस्तावित कॉरिडोर से जबलपुर, नरसिंहपुर, रायसेन, भोपाल, सीहोर, देवास और इंदौर सहित सात जिलों में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है। अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के हिसाब से उद्योग विकसित किए जाएंगे।  कैबिनेट ने फैसला लिया है कि खरीफ वर्ष 2026 में सोयाबीन उत्पादक किसानों को उचित मूल्य दिलाने के लिए भारत सरकार की पीएम-आशा योजना के तहत भावांतर भुगतान योजना लागू की जाएगी। किसानों को ई-उपार्जन पोर्टल पर 17 अक्टूबर तक पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। उपज की विक्रय अवधि 22 अक्टूबर से 15 जनवरी 2027 तक तय की गई है। मॉडल रेट की व्यवस्था लागू की गई है। बाजार मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम होने पर अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से भेजी जाएगी। योजना के लिए मंडी बोर्ड को 1500 करोड़ रुपए की क्रेडिट लिमिट उपलब्ध कराई जाएगी।
    सिंचाई का बढ़ेगा रकबा
    बुरहानपुर: झिरमिटी मध्यम सिंचाई परियोजना वर्ष 2026-31 के लिए 922.91 करोड़ रुपए।  42 गांवों की 17,700 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी।
    रायसेन: बारना वृहद सिंचाई परियोजना का आधुनिकीकरण के लिए 82.49 करोड़ रुपए। 91,000 हेक्टेयर क्षेत्र लाभान्वित होगा।
    मंदसौर: कयामपुर-सीतामऊ दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 750.83 करोड़। 1,12,000 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा।
    सिंगरौली: चितरंगी दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 1,320.14 करोड़ की मंजूरी दी गई है। 32,125 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई।
    शिक्षा, स्वास्थ्य और आदिवासी पर फोकस
    जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत संचालित 94 सांदीपनि विद्यालयों के विद्यार्थियों के परिवहन की दर 10,000 से बढ़ाकर 21,000 रुपए प्रति वर्ष प्रति विद्यार्थी की गई, कुल 241.88 करोड़ है। स्कूलों, छात्रावासों, पुस्तकालयों और खेलकूद भवनों के निर्माण व विस्तार के लिए 2,875.20 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। वहीं राष्ट्रीय आयुष मिशन के लिए 1,697.62 करोड़ और आयुष कॉलेज-अस्पताल की अम्ब्रेला योजना के लिए 3,535 करोड़ की मंजूरी दी गई है।
    नए जिलों में महिला एवं बाल विकास कार्यालय
    मध्यप्रदेश के नए जिलों-निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में नए जिला कार्यालयों की स्थापना के लिए 24 नवीन पदों का सृजन किया गया है। 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-31) बढ़ाने के लिए 15,557.35 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं। वहीं राज्य सूचना आयोग में स्थापना और परिसंपत्तियों के संधारण के लिए 71.81 करोड़ की मंजूरी प्रदान की गई है।

Related Articles