
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। त्योहारों में आग लग जाए और दमकल का पानी बीच में ही खत्म हो जाए, तो दोबारा पानी भरने के लिए गाड़ी कहां जाएगी और कितनी देर में लौटेगी। इसका पता नहीं है। दुर्गा पंडालों और गरबा स्थलों पर आग से बचाव की तैयारियों के बीच यह बड़ा सवाल है। निगम का अग्निशमन विभाग शहर में हर तीन किमी पर पानी केंद्र होने का दावा कर रहा है, लेकिन केंद्रों पर पर्याप्त पानी है या नहीं, सभी केंद्र चालू हैं या नहीं और दमकल को दोबारा भरने में कितना समय लगता है, इसकी हकीकत दावों से उलट नजर आ रही है।
पानी खत्म हुआ तो हो सकता है आगजनी से जान-माल का नुकसान: आग बुझाने के दौरान दमकल के टैंकर का पानी खत्म होना और दोबारा भरने में देरी होना बड़ी समस्या बन सकता है। खासकर दुर्गा पंडालों और गरबा स्थलों पर आग लगने की स्थिति में शुरुआती कुछ मिनट बेहद अहम होते हैं। ऐसे में दमकल को पानी भरने के लिए दूर जाना पड़े या केंद्र पर इंतजार करना पड़े, तो आग फैलने का खतरा बढ़ सकता है। विभाग की ओर से रिफिलिंग केंद्रों के बीच दूरी कम होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि कई फायर स्टेशनों बंद पड़े हुए है जिसकी जांच भी नहीं कराई जाती है परेशानी तब होती है दमकल एक स्टेशन दुसरे तक पड़ता है कमी कमी पहले से दमकल में रिफिलिंग होती रहती जिससे और समय लग जाता है। निगम फायर सेफ्टी अधिकारी सौरभ पटेल का कहना है कि सुरक्षा को लेकर हमारी पूरी तैयारी है किसी तरह की कोई चूक नही हो सकती है। शहर के माता मंदिर, फतेहगढ़, गोविंदपुरा, बैरागढ़, बोगदा पुल, आईएसबीटी और कोलार स्थित फायर स्टेशनों पर दमकल वाहनों में पानी भरने की व्यवस्था बताई गई है।
