छह शहरों के तकनीकी संस्थानों में स्थापित होंगी कूट लेखन प्रयोगशाला

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्यप्रदेश के तकनीकी संस्थानों में अब विद्यार्थियों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ब्लॉकचेन और आभासी वास्तविकता जैसी आधुनिक तकनीकों की पढ़ाई और व्यावहारिक प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध कराने की तैयारी है। तकनीकी शिक्षा विभाग भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) दिल्ली के सहयोग से तीन संस्थानों में तकनीकी उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करेगा। छह शहरों के इंजीनियरिंग और पॉलिटेक्निक संस्थानों में आधुनिक कोडिंग (तकनीकी कूट लेखन) प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी। इन पहलों के जरिए तकनीकी शिक्षा को उद्योग और रोजगार की बदलती जरूरतों के अनुरूप बनाने पर जोर दिया जा रहा है।
तीन संस्थानों में अलग-अलग तकनीकों पर प्रशिक्षण: योजना के तहत इंजीनियरिंग महाविद्यालय जबलपुर में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और पांचवीं पीढ़ी के दूरसंचार नेटवर्क (5जी)-इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), इंजीनियरिंग महाविद्यालय उज्जैन में ब्लॉकचेन तथा शासकीय पॉलिटेक्निक महाविद्यालय भोपाल में संवर्धित एवं आभासी वास्तविकता के उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में संबंधित तकनीकों की जानकारी छात्रों को दी जाएगी।
यहां बनेंगी प्रयोगशालाएं
तकनीकी शिक्षा विभाग की दूसरी पहल के तहत इंजीनियरिंग महाविद्यालयों के लिए सागर, जबलपुर और उज्जैन तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों के लिए इंदौर, ग्वालियर और भोपाल का चयन किया गया है। यहां आधुनिक कोडिंग प्रयोगशालाएं विकसित की जाएंगी, ताकि विद्यार्थी प्रोग्रामिंग का अभ्यास कर सकें और तकनीकी समस्याओं के समाधान की क्षमता बढ़ा सकें।
पढ़ाई के साथ व्यावहारिक दक्षता पर जोर
इन पहलों से विद्यार्थियों को नई तकनीकों से परिचित होने, परियोजनाओं पर काम करने और तकनीकी कौशल निखारने के अवसर मिलेंगे। एआई, ब्लॉकचेन और प्रोग्रामिंग जैसे क्षेत्रों में दक्षता उच्च शिक्षा तथा रोजगार की तैयारी में उपयोगी हो सकती है। हालांकि, इन केंद्रों और प्रयोगशालाओं की स्थापना से जुड़ी समयसीमा तथा प्रशिक्षण शुरू होने की तारीख अभी उपलब्ध जानकारी में स्पष्ट नहीं है।

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