मंत्रालय से विधानसभा तक 2500 कर्मचारियों का चौथा वेतनमान अटका

वेतनमान अटका
  • हर महीने 5 हजार का नुकसान

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मंत्रालय, विधानसभा, राजभवन, मप्र लोकसेवा आयोग और विधि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चौथा समयमान वेतनमान दिए जाने का मामला सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) में अटक गया है। मुख्यमंत्री सचिवालय (सीएम सेक्रेटेरिएट) से जीएडी को इस संबंध में संक्षेपिका प्रस्तुत करने के लिए नोटशीट लिखी जा चुकी है, लेकिन जीएडी से विभागीय मंत्री के अनुमोदन के लिए फाइल करीब 3 महीने से आगे नहीं बढ़ पाई है। इससे करीब 2500 अधिकारी-कर्मचारी प्रभावित हैं। हर एक अधिकारी-कर्मचारी के लिए हर महीने 4-5 हजार रुपए का फायदा मिलेगा।
ग्रेड पे अलग होने से चौथे समयमान के लिए कैबिनेट की मंजूरी जरूरी: प्रदेश के अन्य विभागों और विभागाध्यक्ष कार्यालयों के कर्मचारियों को पहले ही चौथा समयमान वेतनमान का लाभ मिल चुका है, लेकिन मंत्रालय, विधानसभा, राजभवन और विधि विभाग के हजारों कर्मचारी अब भी इस वित्तीय लाभ से वंचित हैं। चूंकि इन चारों कार्यालयों के कर्मचारियों की ग्रेड पे और वेतनमान की स्थिति अन्य विभागों से भिन्न है, इसलिए वित्त विभाग के निर्देशानुसार इस मामले में कैबिनेट का अनुमोदन अनिवार्य है। चौथे समयमान वेतनमान के तहत ग्रेड पे 4,800 रुपए या 5,400 रुपए तय किए जाने पर विचार किया जा रहा है, जिससे इन कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा। ब्रह्म स्वरूप कमेटी ने मंत्रालय और विधानसभा समेत इन कार्यालयों में कार्य की विशेष प्रकृति को देखते हुए अन्य कार्यालयों की तुलना में उच्चतर वेतनमान दिए जाने की अनुशंसा की थी।

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