
- छुट्टी मांगने से अफसरों की बढ़ी चिंता
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टेट) की तैयारियों के बीच सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने का संकट खड़ा हो गया है। परीक्षा के लिए आवेदन करने वाले कई शिक्षक तैयारी के नाम पर एक से दो माह का अवकाश मांग रहे हैं। इससे जिला शिक्षा अधिकारियों के सामने स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था की चुनौती बढ़ गई है। खासकर ऐसे समय में जब तिमाही के बाद अर्धवार्षिक परीक्षाओं की तैयारी चल रही है और फरवरी में मुख्य परीक्षाएं होना हैं। स्कूल शिक्षा विभाग जहां टेट परीक्षा की तैयारियों में जुटा है, वहीं परीक्षा में शामिल होने वाले शिक्षक आवेदन के बाद अध्ययन के लिए छुट्टी मांग रहे हैं। शिक्षकों का तर्क है कि परीक्षा उत्तीर्ण करने के लिए पर्याप्त तैयारी जरूरी है। ऐसे में कई शिक्षक एक से दो माह का अवकाश लेने के प्रयास में हैं। हालांकि, प्रदेश में टेट परीक्षा के लिए अब तक कितने शिक्षकों ने आवेदन किया है, इसका स्पष्ट आंकड़ा सामने नहीं आया है। आवेदन कराने वाली एजेंसी पीईबी के अनुसार, आवेदन की अंतिम तिथि 5 अक्टूबर निर्धारित है। इसके बाद ही आवेदनों की अंतिम स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जिलों में अवकाश के लिए आवेदन
कई प्रदेश के जबलपुर, इंदौर, छिंदवाड़ा, रायसेन, विदिशा, सागर, होशंगाबाद और हरदा सहित कई जिलों में शिक्षकों द्वारा परीक्षा आवेदन के बाद अवकाश के लिए संकुल प्राचार्यों को आवेदन देने की जानकारी सामने आई है। भोपाल में मिसरोद, बगरोदा, करोंद और गांधीनगर सहित कई संकुलों में भी परीक्षा फॉर्म भरने वाले शिक्षकों के अवकाश मांगने की बात कही जा रही है। अधिकारियों की चिंता है कि यदि बड़ी संख्या में शिक्षक एक साथ अवकाश पर चले गए तो स्कूलों में अध्यापन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस समय शिक्षा अधिकारियों के सामने एक ओर शिक्षकों की परीक्षा संबंधी तैयारियों को लेकर स्थिति संभालने की चुनौती है।
