सावधान! 2000 से ज्यादा यूपीआई लेनदेन पर 0.4 फीसदी लगेगा चार्ज

केंद्र सरकार ने यूपीआई पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लागू करने का ऐलान कर दिया है। मंगलवार को हुई यूपीआई संचालन समिति की बैठक में 2,000 रुपए से अधिक के लेनदेन के लिए यूपीआई एमडीआर को 40 बीपीएस या 0.4 फीसदी कर दिया है, जिसका मतलब है कि 2000 से ज्यादा के पेमेंट पर व्यापारियों को 0.4 फीसदी का चार्ज देना होगा। 15 अक्टूबर 2026 से चुनिंदा मर्चेंट ट्रांजेक्शन पर यूपीआई एमडीआर का नया फ्रेमवर्क लागू होगा। हालांकि, ग्राहकों को कोई चार्ज नहीं देना होगा। अगर आपस में भी लोग यूपीआई के जरिए पैसा ट्रांसफर करते हैं तो भी यह चार्ज नहीं लगेगा। यह सिर्फ कुछ चुनिंदा व्यापारियों पर ही लागू होगा। नए नियमों के तहत, क्यूआर कोड के जरिए हर महीने 1 लाख रुपए तक कमाने वाले छोटे मर्चेंट को कोई एमडीआर नहीं देना होगा। रेलवे और फ्यूल जैसी खास कैटेगरी में 2,000 से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 5 रुपए की फ्लैट फीस लगेगी और ज्यादा वैल्यू वाले दूसरे पी-2 एम ट्रांजेक्शन पर 0.4 फीसदी चार्ज लगेगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपए होगी। इसका मतलब है कि अगर 2000 रुपए से ज्यादा का पर्सनल टू मर्चेंट पेमेंट करते हैं, तो पैसा रिसीव करने वाले को अधिकतम 300 रुपए देना होगा। इससे ज्यादा का एमडीआर व्यापारियों से नहीं वसूला जाएगा। पेट्रोल और डीजल जैसे फ्यूल पर मर्चेंट को यूपीआई पर एमडीआर अधिकतम 5 रुपए ही देना होगा।


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