लाड़ली बहना योजना की राशि जल्द ही जारी होगी

अगले सीजन से खेती के लिए दिन में 10 घंटे मिलेगी बिजली

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार किसान कल्याण वर्ष में कृषकों के कल्याण के लिए 16 विभागों के समन्वय से विभिन्न गतिविधियां संचालित कर रही है। किसान पूरी लगन और मेहनत से खेती करें, अगले सीजन से खेती के लिए दिन में 10 घंटे बिजली की व्यवस्था की जा रही है। हमारा उद्देश्य खेती की आमदनी को दोगुना करने के साथ मत्स्य पालन, पशुपालन और दुग्ध उत्पादन के माध्यम से कृषकों के लिए सहायक आय की व्यवस्था करना है। प्रदेश में सांची ब्रांड के आधार पर दुग्ध उत्पादन को 12 प्रतिशत से 20 प्रतिशत ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने राजगढ़ में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव को मुख्यमंत्री निवास भोपाल से वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। राजगढ़ में आयोजित कार्यक्रम में कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गौतम टेटवाल तथा अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने राजगढ़ को कई सौगातें दी है। सरकार ने प्रदेश में 65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा का विस्तार किया है।किसानों को सोयाबीन के लिए भावांतर की सुविधा उपलब्ध करवाई गई, किसान सम्मान निधि के अंतर्गत दी जाने वाली राशि सीधे किसान के खाते में आ रही हैं। लाड़ली बहनों को भी राशि उपलब्ध कराई जा रही है। प्रधानमंत्री मोदी इन कल्याणकारी गतिविधियों के लिए बधाई के पात्र है।*कवच योजना से दूर हुई हजारों किसानों की चिंता*मुख्यमंत्री ने ‘कवच योजना’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके माध्यम से किसान द्वारा दोबारा बैंक ऋण और फसल ऋण प्राप्त कर सकते हैं। किसानों की चिंता दूर हुई है और किसान बैंकिंग व्यवस्था की मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। उन्होंने किसान कल्याण से जुड़ी योजनाओं और कार्यक्रमों की जानकारी प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत प्रदेश में किसानों के मार्गदर्शन के लिए उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शीघ्र ही लाड़ली बहना योजना की राशि, बहनों के खातों में जारी होने वाली हैं। संपूर्ण प्रदेश में हर घर तिरंगा अभियान के अंतर्गत तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं। उन्होंने ग्राम, वार्ड, जनपद, जिला स्तर पर तिरंगा यात्राएं निकालने के लिए उपस्थित जनसमुदायों को प्रेरित किया।

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