- किसानों को राहत देने वाला एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आयोजित मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में राज्य के किसानों के हित में एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है। प्रदेश की प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों के डिफाल्टर किसानों को राहत प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने कवच योजना को हरी झंडी दे दी है। सरकार के इस कदम से कर्ज के बोझ तले दबे प्रदेश के हजारों किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
मंत्रिपरिषद द्वारा मंजूर की गई कवच योजना के लागू होने से प्रदेश के लगभग 5000 डिफाल्टर किसानों को सीधा लाभ प्राप्त होगा। प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों से जुड़े ये किसान लंबे समय से राहत की उम्मीद कर रहे थे। इस योजना के माध्यम से उन्हें वित्तीय संकट से उबारने और पुन: मुख्यधारा की बैंकिंग व कृषि ऋण व्यवस्था से जोडऩे का प्रयास किया जाएगा।
सरकार और बैंकों की बराबर हिस्सेदारी
कवच योजना के क्रियान्वयन के लिए वित्तीय व्यवस्था भी तय कर दी गई है। योजना के अंतर्गत कुल राशि में राज्य सरकार और सहकारी बैंकों का आधा-आधा अंशदान रहेगा। इसमें 50 करोड़ रुपये की राशि जिला सहकारी केंद्रीय बैंक और अपेक्स बैंक मिलकर लगाएंगे, जबकि इतनी ही राशि यानी 50 करोड़ रुपये का योगदान राज्य सरकार द्वारा दिया जाएगा। इस प्रकार 100 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान के साथ इस योजना के जरिए डिफाल्टर किसानों का वित्तीय बोझ कम किया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में ई शिक्षा
मंत्रिपरिषद की बैठक में शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। सरकारी स्कूलों में मिशन बुनियाद के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित शिक्षा शुरू करने, 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती, उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले प्राचार्यों को सम्मानित करने और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 28 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति दी गई।
सरकारी स्कूलों में शुरू होगा मिशन बुनियाद
राज्य सरकार ने सरकारी स्कूलों में आधारित शिक्षा शुरू करने के लिए मिशन बुनियाद प्रारंभ करने का निर्णय लिया है। पहले चरण में 8 जिलों के 500 शासकीय स्कूलों का चयन किया गया है। इस योजना के तहत कक्षा 5वीं से 11वीं तक के विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा दी जाएगी, ताकि वे नई तकनीकों को समझ कर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकसित कर सकें। कैबिनेट ने राज्य में 60 नए सांदीपनि विद्यालय शुरू करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी।
शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम पर प्राचार्यों का सम्मान
सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए कैबिनेट ने नया प्रोत्साहन मॉडल लागू करने का निर्णय लिया है। बोर्ड परीक्षा में 100 प्रतिशत परिणाम देने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों को 1 लाख रुपये की सम्मान राशि दी जाएगी। ऐसे विद्यालयों के विकास कार्यों के लिए 5 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का उद्देश्य बेहतर शैक्षणिक परिणामों के लिए विद्यालयों में प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता बढ़ाना है।
10 हजार शिक्षकों की भर्ती, 6,846 शिक्षकों को चौथा वेतनमान
राज्य सरकार ने 10 हजार नए शिक्षकों की भर्ती करने का फैसला किया है। इसके अलावा जनजातीय कार्य विभाग के 6,846 उच्च श्रेणी एवं सहायक शिक्षकों को चौथा समयमान वेतनमान देने का निर्णय लिया गया है। इसमें 35 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके 3,500 शिक्षकों को 1 जुलाई 2023 से लाभ मिलेगा, जबकि शेष शिक्षकों को 35 वर्ष की सेवा पूरी होने पर यह सुविधा दी जाएगी। लाभार्थियों में 1,452 उच्च श्रेणी शिक्षक और 5,394 सहायक शिक्षक शामिल हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के लिए हजारों करोड़ की मंजूरी
कैबिनेट ने आगामी पांच वर्षों (1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031) के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े वित्तीय प्रावधानों को मंजूरी दी। स्वीकृत प्रमुख योजनाओं में जिला एवं सिविल अस्पतालों तथा औषधालयों के संचालन के लिए12,517.99 करोड़, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए 11,812.02 करोड़, प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन 2,448.79 करोड़ और मलेरिया एवं वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के लिए 1,705 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य अस्पतालों का सुचारू संचालन, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, लैब नेटवर्क को मजबूत करना तथा स्वास्थ्य आपदाओं से बेहतर ढंग से निपटना है।
