भोपाल में ब्रिक्स सम्मेलन आज से, 10 देशों की भागीदारी

  • संस्कृति मंत्री समेत 100 से ज्यादा विदेशी मेहमान आएंगे

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
भोपाल में आज से ब्रिक्स सांस्कृतिक सम्मेलन-2026 की शुरुआत होगी। यह 4 दिन तक चलेगा। इसमें विदेशी मेहमान भी शामिल होंगे। कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन (मिंटो हॉल) में तैयारियां पूरी हो गई है। भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय में सचिव विवेक अग्रवाल और अपर मुख्य सचिव संस्कृति एमपी शिव शेखर शुक्ला ने सम्मेलन के बारे में जानकारी दी। सचिव अग्रवाल ने बताया कि तीसरी ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक में भाग लेने वाले ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल भोपाल पहुंचेंगे। इस दिन प्रतिनिधियों का पंजीकरण, मान्यता, द्विपक्षीय बातचीत और प्रदर्शनियों का दौरा शामिल होगा। शाम को प्रतिनिधि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय का दौरा करेंगे। जहां पॉटरी (मृदा शिल्प) प्रदर्शनी में उनका पारंपरिक स्वागत किया जाएगा और स्वदेशी शिल्प व पारंपरिक ज्ञान प्रणालियों के लाइव प्रदर्शन दिखाए जाएंगे। इसके बाद प्रतिनिधि ट्राइबल हैबिटेट में ‘नागा हाउस’ और ‘हिमालयी गांव’ का गाइडेड भ्रमण कर वहां की वास्तुकला, जीवन शैली व सांस्कृतिक विरासत का अवलोकन करेंगे। प्रेक्षागृह में एक सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया जाएगा। जिसमें कथक नृत्य, पारंपरिक सामुदायिक नृत्य और भारत की विविध पारंपरिक व जनजातीय पोशाकों को प्रदर्शित करने वाला एक फैशन शो प्रस्तुत किया जाएगा। सचिव अग्रवाल ने बताया कि लंदन के म्यूजियम में रखी मां वाग्देवी (सरस्वती) की प्राचीन प्रतिमा को भारत वापस लाने के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और सरकार लगातार प्रयास कर रहे हैं। पिछले एक साल से पत्राचार कर रहे हैं।
पहले दिन से प्रदर्शनी भी होगी
मुख्य कार्यक्रम मिंटो हॉल में होगा। यहां ‘ज्ञान भारतम’, ‘प्रोजेक्ट मौसम’ और ‘प्रोजेक्ट बृहत्तर भारत’ पर तीन विशेष प्रदर्शनियों का आयोजन किया जाएगा। ये प्रदर्शनियां इन चारों दिन आम जनता के लिए खुली रहेंगी। ये प्रदर्शनियां भारत की पांडुलिपि विरासत, समुद्री सांस्कृतिक संबंधों और सभ्यतागत जुड़ाव को प्रदर्शित करने के साथ विरासत संरक्षण, सांस्कृतिक कूटनीति और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग में भारत की पहलों को रेखांकित करेंगी।
6 से 8 अगस्त तक ये कार्यक्रम
6 अगस्त बैठक में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के घोषणापत्र के मसौदे और सांस्कृतिक सहयोग के अन्य प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें सांस्कृतिक विरासत की सुरक्षा, संग्रहालय, सांस्कृतिक और रचनात्मक उद्योग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान, क्षमता निर्माण और ब्रिक्स देशों के बीच लोगों से लोगों का जुड़ाव शामिल हैं। कार्य समूह की सिफारिशें मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान संस्कृति मंत्रियों के विचार का आधार बनेंगी। शाम को, रवींद्र भवन में ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। जिसमें ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। यह कार्यक्रम आम जनता के लिए खुला रहेगा और भाग लेने वाले देशों की समृद्ध और विविध प्रदर्शन कला परंपराओं को देखने का अवसर प्रदान करेगा। शाम का समापन संस्कृति मंत्रालय द्वारा आयोजित रात्रिभोज के साथ होगा। 7 अगस्त को ब्रिक्स सदस्य और भागीदार देशों के संस्कृति मंत्री भोपाल पहुंचेंगे। शाम को प्रमुख ‘ब्रिक्स सांस्कृतिक महोत्सव 2026’ आयोजित किया जाएगा, जो भारत और भाग लेने वाले ब्रिक्स देशों के प्रख्यात संगीतकारों और कलाकारों को एक साथ लाने वाला एक विशेष रूप से तैयार किया गया सहयोगात्मक संगीतमय कार्यक्रम है।

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