बारिश का संकट गहराया, 18% पानी की कमी

  •  43 जिले औसत से पीछे, आज 5 जिलों में तेज वर्षा का अलर्ट

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मध्य प्रदेश में मानसून की रफ्तार फिर धीमी पड़ गई है। लगातार पांच दिनों से कहीं भी व्यापक और भारी बारिश दर्ज नहीं होने से प्रदेश में वर्षा का घाटा बढक़र 18 प्रतिशत तक पहुंच गया है। हालात यह हैं कि 55 में से 43 जिले सामान्य बारिश से पीछे चल रहे हैं और पूरे सीजन में अब तक औसत से करीब साढ़े तीन इंच कम पानी बरसा है। मौसम विभाग के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मौसम प्रणालियां पर्याप्त मजबूत नहीं रहीं, इसलिए प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश ही हुई। हालांकि, अब उत्तर भारत में सक्रिय दो चक्रवाती परिसंचरण और नए पश्चिमी विक्षोभ के असर से आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
आज इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बुधवार को दतिया, भिंड, छतरपुर, पन्ना और सतना में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सागर, नर्मदापुरम समेत प्रदेश के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
कोटे की आधी बारिश भी नहीं हुई
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में अब तक औसतन 16 इंच (407.2 मिमी) बारिश हुई है, जबकि इस समय तक 19.5 इंच (495.2 मिमी) बारिश हो जानी चाहिए थी। यानी प्रदेश सामान्य से करीब 18 प्रतिशत पीछे है और अब तक सामान्य वर्षा का आधा आंकड़ा भी पूरा नहीं हो सका।
पूर्वी मध्य प्रदेश सबसे ज्यादा प्रभावित
जबलपुर, शहडोल, रीवा और सागर संभाग में हालात अधिक चिंताजनक हैं। यहां औसतन 22 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है और सभी जिले सामान्य से पीछे हैं। वहीं पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी 15 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। केवल बड़वानी, भिंड, बुरहानपुर, देवास, इंदौर, खंडवा और खरगोन ऐसे जिले हैं, जहां औसत से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
अब नए सिस्टम से उम्मीद
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से अगले कुछ दिनों में मानसून फिर जोर पकड़ सकता है और प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

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