मनरेगा का नाम बदलकर सरकार जॉब कार्ड से काट रही मजदूरों के नाम

मनरेगा

भगवान श्रीराम के नाम पर गरीब मजदूरों को भ्रमित कर पहले तो मनरेगा जैसी रोजगार गारंटी योजना का नाम बदलकर वीबी जी राम जी कर दिया। नाम बदलने के बाद भी गरीबों की हालत में सुधार होने के बजाए रोजगार के दिन घटते ही जा रहे हैं। बीते दस वर्षों में एक फीसदी मजदूरों को भी साल भर में सौ दिन भी रोजगार नहीं मिल सका है। रोजगार देना तो दूर, हर साल लाखों मजदूरों के नाम जॉब कार्ड से काट दिए हैं। मात्र दो वर्षों में ही 50 लाख से ज्यादा मजदूरों के नाम जॉब कार्ड से काटे जा चुके हैं। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव कुणाल चौधरी ने रविवार को पीसीसी में मीडिया से चर्चा में यह आरोप लगाए। चौधरी ने कहा कि जवाब में सरकार ने स्वयं स्वीकार किया है कि पिछले दस वर्षों में प्रदेश के 52 जिलों में मनरेगा के तहत पंजीकृत मजदूरों में से एक प्रतिशत मजदूरों को भी पूरे 100 दिन का रोजगार उपलब्ध नहीं कराया जा सका। उन्होंने कहा कि जब भाजपा सरकार अपनी कानूनी जिम्मेदारी के तहत 100 दिन का रोजगार नहीं दे सकी, तब योजना का नाम बदलकर 125 दिन रोजगार की घोषणा केवल राजनीतिक प्रचार और जनता को गुमराह करने का प्रयास है।

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