
- अब नई सरकारी भर्तियों का भी खुलेगा द्वार
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश सरकार ने करीब डेढ़ दशक बाद मंत्रालय (वल्लभ भवन) में पदोन्नति की प्रक्रिया शुरू कर सरकारी कर्मचारियों के लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंजूरी के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 450 से अधिक कर्मचारियों को पदोन्नति देने के आदेश जारी किए हैं। इस फैसले से न केवल कर्मचारियों की पदोन्नति का रास्ता खुला है, बल्कि मंत्रालय में नई भर्तियों का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। सरकार का मानना है कि वर्षों से रुकी पदोन्नतियों के कारण कर्मचारियों में निराशा का माहौल था। अब पदोन्नति मिलने से जहां उनकी कार्यक्षमता और मनोबल बढ़ेगा, वहीं खाली होने वाले पदों पर सीधी भर्ती के जरिए युवाओं को सरकारी नौकरी का अवसर मिलेगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार मंत्रालय में कुल 461 कर्मचारियों को पदोन्नति दी गई है। इनमें 301 सहायक ग्रेड-3 कर्मचारियों को सहायक ग्रेड-2 बनाया गया है। 160 सहायक ग्रेड-2 कर्मचारियों को सहायक अनुभाग अधिकारी के पद पर पदोन्नत किया गया है। इन पदोन्नतियों के बाद संबंधित संवर्गों में बड़ी संख्या में पद रिक्त हो गए हैं, जिन पर अब नई नियुक्तियां की जाएंगी।
600 से अधिक पदों पर होगी सीधी भर्ती
वल्लभ भवन में सहायक ग्रेड-3 के 600 से अधिक स्वीकृत पद हैं। पदोन्नतियों के बाद इन पदों पर भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार मंत्रालय के विभिन्न विभागों से रिक्त पदों का विवरण मांगा जा रहा है, जिसके आधार पर भर्ती प्रस्ताव तैयार कर कर्मचारी चयन मंडल को भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अगस्त से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है ताकि खाली पदों को जल्द भरा जा सके। सरकार केवल लिपिकीय संवर्ग तक सीमित नहीं रहेगी। लगभग 100 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को भी पदोन्नति देने की तैयारी है। इनके प्रमोशन के बाद जो पद खाली होंगे, उन पर भी सीधी भर्ती की जाएगी। इससे रोजगार के अवसर और बढ़ेंगे।
2012 के बाद पहली बार खुला प्रमोशन चैनल: मंत्रालय में अंतिम बार वर्ष 2012 में पदोन्नति हुई थी। नियमानुसार 2016 में अगला प्रमोशन होना था, लेकिन आरक्षण और अन्य कानूनी विवादों के कारण मामला न्यायालय में लंबित हो गया। इसके चलते लगभग एक दशक तक कर्मचारियों को पदोन्नति नहीं मिल सकी। इस दौरान अनेक कर्मचारी सेवानिवृत्त हो गए, जबकि कई का निधन भी हो गया। अब सरकार के इस निर्णय से लंबे समय से रुकी प्रक्रिया दोबारा शुरू हो गई है।
कर्मचारियों को पदोन्नति, युवाओं को नौकरी
सरकार के इस फैसले से दो स्तर पर लाभ मिलने की उम्मीद है। पहला, वर्षों से पदोन्नति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों को आर्थिक और प्रशासनिक लाभ मिलेगा। दूसरा, पद रिक्त होने से बड़ी संख्या में नई भर्तियां होंगी, जिससे सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अवसर बढ़ेंगे। अधिकारियों का कहना है कि मंत्रालय में कार्यभार लगातार बढ़ा है। ऐसे में रिक्त पदों को लंबे समय तक खाली रखना संभव नहीं है। इसलिए पदोन्नति के साथ-साथ भर्ती प्रक्रिया को भी तेज गति से आगे बढ़ाया जाएगा। सामान्य प्रशासन विभाग के अधिकारियों के अनुसार सभी विभागों से रिक्त पदों का ब्यौरा लिया जा रहा है। इसके बाद भर्ती का प्रस्ताव कर्मचारी चयन मंडल को भेजा जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि पदोन्नति के तुरंत बाद भर्ती प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी जाए, ताकि मंत्रालय में आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध हो सके।
कर्मचारी संगठनों ने किया स्वागत
मध्य प्रदेश कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री रमेश चंद्र शर्मा ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि वर्षों बाद मंत्रालय में पदोन्नतियां होने से कर्मचारियों में नया उत्साह आया है। उन्होंने कहा कि इससे रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे और कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार भी व्यक्त किया। कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। सरकार के इस फैसले को मंत्रालय की प्रशासनिक व्यवस्था में लंबे समय बाद आया बड़ा बदलाव माना जा रहा है। यदि भर्ती प्रक्रिया तय समय पर शुरू होती है तो यह निर्णय न केवल कर्मचारियों के लिए राहत साबित होगा, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए भी सरकारी सेवा में प्रवेश का नया अवसर लेकर आएगा।
