
बिच्छू डॉट कॉम। भारत और ब्रिटेन के बीच हुए सामाजिक सुरक्षा समझौते के तहत अब भारतीय कंपनियों को ब्रिटेन में अस्थायी तौर पर भेजे गए कर्मचारियों के लिए पांच वर्ष तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान नहीं देना होगा। इस कदम से टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) और इंफोसिस जैसी प्रमुख आईटी कंपनियों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। वाणिज्य मंत्रालय ने बताया कि सामाजिक सुरक्षा समझौता या डबल कंट्रीब्यूशन कन्वेंशन (डीसीसी) 15 जुलाई से व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (सीईटीए) के साथ लागू होगा। मंत्रालय के अनुसार, डीसीसी के तहत अस्थायी नियुक्ति पर ब्रिटेन भेजे गए भारतीय कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं को वहां दोहरी सामाजिक सुरक्षा अंशदान राशि जमा करने से छूट मिलेगी। इस छूट की अवधि तीन वर्ष से बढ़ाकर पांच वर्ष कर दी गई है। डीसीसी भारतीय श्रमिकों और नियोक्ताओं को यूके में अस्थायी असाइनमेंट के दौरान दोहरे सामाजिक सुरक्षा योगदान करने से मुक्त करता है।
