
बिच्छू डॉट कॉम। मई में थोक महंगाई बढक़र 9.68 फीसदी पर पहुंच गई है। इससे पहले अप्रैल में यह 8.26 फीसदी पर थी। मई में महंगाई 43 महीने में सबसे ज्यादा है। सितंबर 2022 में ये 10.70 फीसदी पर पहुंच गई थी। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने सोमवार को थोक मूल्य सूचकांक आधारित महंगाई के आंकड़े जारी किए। आधार वर्ष को 2011-12 से बदलकर 2022-23 कर दिया गया है। ईंधन और बिजली में थोक मूल्य महंगाई मई में 30.33 फीसदी पर पहुंच गई। अप्रैल में यह 24.89 फीसदी थी। कच्चे पेट्रोलियम में महंगाई मई में 61.51 फीसदी रही। थोक महंगाई में यह तेज वृद्धि पश्चिम एशिया संकट का असर दिखाती है। होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकेबंदी से कच्चे तेल का आयात प्रभावित हुआ है। रोजाना की जरूरत वाले सामानों की महंगाई 3.78 से बढक़र 4.99 फीसदी हो गई। खाने-पीने की चीजों की महंगाई 3.11 से बढक़र 4.49 फीसदीपर पहुंच गई है। फ्यूल और पावर की थोक महंगाई दर 24.89 से बढक़र 30.33 प्रतिशत हो गई है।
