
बेटमा और आसपास के करीब दो हजार लोगों से करोड़ों की ठगी करने वालों पर पुलिस 9 साल में केस ही दर्ज नहीं कर सकी है। इस बीच हजारों बार पुलिस से शिकायत की और आवेदन दिए। मामले में हाईकोर्ट जस्टिस प्रणय वर्मा की कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिए हैं कि 90 दिन में पुलिस जांच कर केस दर्ज करे। केस दर्जे नहीं करती है तो पीडि़तों को जानकारी दे। अभिभाषक अब्दुल मजीद दरबारी ने बताया कि बेटमा क्षेत्र में जी लाइफ और जी गोल्ड नाम से दो चिटफंड कंपनियों ने पैसा दोगुना करने का लालच देकर दो हजार लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी की थी। पीडि़त 2017 से बेटमा थाने में शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। 2025 में कुछ लोगों ने दोनों कंपनियों के डायरेक्टर जीआर पांडे, दीपक शर्मा, रविराज, माखन पटेल, संजय कुमार, अनिल पटेल, प्रकाश पांचाल, जितेंद्र चौधरी, कृष्णा पांचाल और सुनील मंडलोई के खिलाफ पुलिस से शिकायतें कीं। आवेदन लेकर रख लिए, लेकिन इनके खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं की। इसके खिलाफ दायर अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान इसे सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का उल्लंघन बताया गया।
