
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई को लेकर बड़ा बयान दिया है। ‘वॉल स्ट्रीट जर्नल’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने कहा है कि अगर मुजतबा अमेरिकी मांगों को नहीं मानते, तो वह उनकी हत्या का समर्थन करेंगे। अमेरिका की मांग यह है कि ईरान अपना परमाणु हथियार कार्यक्रम पूरी तरह बंद कर दे। अगर मुजतबा ने इससे इनकार किया, तो ट्रंप नए लीडर को खत्म करने के लिए तैयार हैं। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस काम को इस्राइली सेना अंजाम दे सकती है। यह ठीक वैसा ही होगा जैसा 28 फरवरी को मुजतबा के पिता अली खामेनेई के साथ हुआ था। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि वह ईरान के इस चुनाव से बिल्कुल खुश नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मुजतबा खामेनेई अब शांति से नहीं रह पाएंगे।
ट्रंप का मानना है कि ईरान के अगले नेता को चुनने में अमेरिका की भी राय होनी चाहिए। उन्होंने इसकी तुलना वेनेजुएला में अमेरिकी दखल से की। ‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ की रिपोर्ट के अनुसार, दिवंगत नेता अली खामेनेई ने अपनी वसीयत में साफ लिखा था कि उनका बेटा उनका उत्तराधिकारी न बने। इसके बावजूद, ईरान की ताकतवर सेना (आईआरजीसी) ने मुजतबा को इस पद पर बैठा दिया। जानकारों का कहना है कि खुद अली खामेनेई को अपने बेटे की काबिलियत पर शक था। 56 साल के मुजतबा ने इस पद से पहले कभी किसी सरकारी ओहदे पर काम नहीं किया। वह हमेशा अपने पिता के करीबी घेरे में रहकर पर्दे के पीछे से सत्ता चलाते थे। अमेरिकी दस्तावेजों में उन्हें पर्दे के पीछे की असली ताकत बताया गया है। उन पर पहले भी चुनावों में धांधली करने के आरोप लग चुके हैं। इस्राइली सेना ने भी साफ कर दिया है कि जो भी ईरानी नेता आतंकवाद को बढ़ावा देगा, वह उनके निशाने पर रहेगा।
