पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर होगी भर्ती

  • बजट में युवाओं को बड़ी सौगात…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
वित्त मंत्री देवड़ा ने 18 फरवरी को मध्य प्रदेश विधानसभा में बजट पेश करते हुए इसे प्रधानमंत्री के सपनों को साकार करने वाला बजट बताया। अपने भाषण में उन्होंने कहा कि हर हाथ को काम, हर युवा को रोजगार और हर नारी को न्याय सरकार का मूल उद्देश्य है। उन्होंने प्रदेश को देश का तीसरा सबसे युवा राज्य बताते हुए युवाओं को रोजगार से जोड़ने का संकल्प दोहराया।
पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती
वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि मप्र पुलिस विभाग में 22 हजार 500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है।जिसके लिए 530 करोड़ के बजट का प्रावधान है। यह कदम कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। साथ ही पुलिसकर्मियों के लिए 11 हजार नए आवास बनाए गए हैं, जिससे बल के जवानों को बेहतर जीवन सुविधाएं मिल सकें। इसके अलावा 1 अप्रैल 2026 से परिवार पेंशन के दायरे में तलाकशुदा पुत्री को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है, जो सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक संवेदनशील पहल है। मध्य प्रदेश बजट में शिक्षा क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए बड़ा ऐलान किया गया है। राज्य सरकार ने 15,000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की है। यह फैसला सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने और विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लिया गया है।
पहला पेपर लैस बजट
बता दें कि मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कुल 4,38,317 करोड़ रुपये का बजट बुधवार को पेश किया। देवड़ा ने विपक्ष की टोका-टोकी और व्यवधानों के बीच यह बजट पेश किया। इस दौरान कांग्रेस के सदस्यों ने राज्य के लोगों पर बढ़ते कर्ज के बोझ पर चिंता जताई और नारेबाजी की। इससे पहले मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि 2026-27 का बजट कई मायनों में ऐतिहासिक है और सबको साथ लेकर कदम से कदम मिलाकर आगे बढऩे के संकल्प का मॉडल है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, युवाओं, किसानों और महिलाओं के कल्याण के साथ-साथ औद्योगिक गतिविधियों के विस्तार के लिए समर्पित है।
विपक्ष ने साधा निशाना
बजट पेश होने से पहले विपक्ष के नेता उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक सरकार की आर्थिक नीतियों के विरोध में नारे लिखी तख्तियां लेकर विधानमंडल परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने पहुंचे। सिंघार ने दावा किया कि बजट सत्र से पहले ही सरकार द्वारा 5,600 करोड़ रुपये का उधार इस बात का संकेत है कि राज्य कर्ज के बोझ तले दबा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य पर कुल कर्ज बजट से भी अधिक हो चुका है। सिंघार ने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार कर्ज लिए जा रही है, मध्यप्रदेश के हर वर्ग की कमर टूट गई है और सरकार ने प्रदेश की पीठ पर पांच लाख करोड़ से अधिक का कर्ज लाद दिया है। नेता प्रतिपक्ष ने कहा, यह कोई गुल्लक नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की तिजोरी है जिसे सरकार और उसके मंत्री डकार गए हैं।

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