
- मध्यप्रदेश ने किया पर्यटन में नया कीर्तिमान स्थापित
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश पर्यटन निवेश और रोजगार की संभावना वाला क्षेत्र बनकर उभरा है। वर्ष 2025 में 13.18 करोड़ पर्यटक आए। इसमें सर्वाधिक साढ़े पांच करोड़ पर्यटक उज्जैन पहुंचे। 1.60 लाख चित्रकूट और 1.50 करोड़ पर्यटक मैहर पहुंचे। विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या एक लाख 65 हजार पहुंच गई।
यह 2021 में 41,601 थी। सिंहस्थ 2028 में देश-दुनिया से 30 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। यह बात आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में सामने आई। प्रदेश में पर्यटकों की सुविधा के लिए पीएमश्री पर्यटन हवाई सेवा प्रारंभ की गई, जिसका लाभ 10 हजार यात्रियों ने उठाया। निवेश के द्वार भी इस क्षेत्र में खुले हैं। अब 139 करोड रुपये का निवेश हुआ है। खंडवा और रायसेन में 385 करोड रुपये का निवेश प्रस्तावित है। पर्यटन की गतिविधियों में वृद्धि से राजस्व में 14.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। होटल उद्योग तेजी से फल फूल रहा है।
भोपाल पश्चिमी बाइपास एलिवेटेड कारिडोर बनेगा
प्रदेश में सडक़ नेटवर्क का विस्तार किया जा रहा है। उज्जैन जावरा, इंदौर उज्जैन बनाए जा रहे हैं। भोपाल पश्चिमी बाईपास एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण भी होगा। 3,368 किलोमीटर राजमार्ग बनाए जा रहे हैं। इनमें नर्मदा प्रगतिपथ, विंध्य प्रगतिपथ, बुंदेलखंड विकास पथ, मध्य भारत विकास पथ, अटल प्रगति पथ दिल्ली मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और मालवा निर्माण विकास पथ शामिल है।
निर्यात में इंदौर दूसरे स्थान पर
प्रदेश में अक्टूबर 2024 की स्थिति में देखा जाए तो निर्यात के मामले में धार जिला सबसे आगे रहा है। यहां से 17,830 करोड रुपये की वस्तु निर्यात की गई। इसके बाद इंदौर 13,500, रायसेन 7,263, सिंगरौली 4,598, सीहोर 3,864, देवास 3,826, उज्जैन 2,288, भिंड 1,914, भोपाल 1,631 और रतलाम जिले से 1,278 करोड रुपये की वस्तुओं का निर्यात किया गया। सामग्री की दृष्टि से देखें तो सबसे ज्यादा 11,967 करोड के फार्मास्यूटिकल उत्पाद निर्यात किए गए।
नगरीय विकास
अमृत 2.0 के अंतर्गत 24,065 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया। इसमें 1,134 परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) में 8.75 लाख आवास बनाए जा चुके हैं। आगामी पांच वर्षों में दस लाख आवास बनाने का लक्ष्य है। वहीं, स्वास्थ्य के क्षेत्र की बात करें तो अब तक 4.42 करोड़ आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। मातृ मृत्यु अनुपात 379 से घटकर 142 प्रति लाख जीवित जन्म हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मप्र की अर्थव्यवस्था समावेशी विकास के साथ गतिशील अर्थव्यवस्था बन गई है।
