
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
प्रदेश की खराब सडक़ों को सुधारने के लिए कायाकल्प योजना के तहत मिले फंड में से 397 करोड़ रुपए 8 संभागों की निकाय खर्च ही नहीं कर सकीं। इसमें 498 सडक़ें बनना थीं। हालांकि नगरीय प्रशासन अधिकारियों के मुताबिक इसकी डेडलाइन मार्च 2026 है। इसलिए यह काम भी शुरू हो जाएंगे। लेकिन वर्तमान में चल रहे कामों को देखकर अंदाजा लाया जा सकता है कि अगले चार महीने में भी काम शुरू होना मुश्किल है। दरअसल नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग ने दो फेज में 10 डिवीजनों में सडक़ अपग्रेडेशन, मजबूती और कंस्ट्रक्शन के लिए कायाकल्प योजना के तहत 1421 करोड़ रुपए मंजूर किए थे। बताया जाता है कि प्रदेशभर के शहरों में 4 हजार 877 सडक़ों पर वर्क होना था। लेकिन अब तक सिर्फ 3 हजार 907 काम ही पूरे हुए हैं, जबकि दावा किया जा रहा है कि 472 पर अभी काम चल रहा है, लेकिन 498 काम ऐसे हैं, जो अभी तक शुरू ही नहीं हुए। हाल ही में हुई समीक्षा के दौरान नगरीय प्रशासन एवं आवास विभाग के अधिकारियों ने संबंधित निकायों को हिदायत दी है कि सभी पेंडिंग काम मार्च 2026 तक पूरे करवाएं। कायाकल्प योजना के तहत प्रदेश की 16 नगर निगम को 543 करोड़ रुपए दिए गए थे। लेकिन उन्होंने सिर्फ लगभग 387 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। इसमें 1 हजार 80 काम होने थे, लेकिन 766 ही पूरे हुए हैं। बाकी 190 अभी शुरू नहीं हुए।
जबलपुर और भोपाल में सबसे ज्यादा काम पिछड़े
नगरीय प्रशासन के मुताबिक काम पिछडऩे में जबलपुर और भोपाल नगर निगम सबसे पीछे है। जबलपुर नगर निगम ने सबसे ज्यादा 50 काम शुरू नहीं किए। जबलपुर को 74.57 करोड़ रुपए मिले हैं। जिसमें से सिर्फ 36.81 करोड़ ही खर्च हुए। यानि स्वीकृत 146 में से 50 काम अभी नहीं हुए। वहीं भोपाल ने 78.70 करोड़ में से 58.53 करोड़ खर्च किए। साथ ही 231 में से 45 काम किए ही नहीं।
