बिच्छू डॉट कॉम:टोटल रिकॉल/छिंदवाड़ा, सागर शहर सहित कांग्रेस की चार जिला कार्यकारिणी निरस्त

छिंदवाड़ा, सागर शहर सहित कांग्रेस की चार जिला कार्यकारिणी निरस्त
प्रदेश कांग्रेस ने दिल्ली के फरमान के बाद प्रदेश के चार जिलों की कार्यकारिणी निरस्त कर दी है। इनमें सागर शहर, छिंदवाड़ा, मऊगंज और झाबुआ की जिला कार्यकारिणी शामिल हैं। इन जिलों में गठन नए सिरे से तय मानकों के आधार पर किया जाएगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने 2 फरवरी को प्रदेश कांग्रेस और जिला अध्यक्षों को पत्र भेजकर स्पष्ट किया था कि बड़े जिलों में अधिकतम 51 और छोटे जिलों में 31 सदस्य ही कार्यकारिणी में शामिल किए जा सकेंगे। लेकिन इन चारों जिलों की कार्यकारिणी एक दिन पहले ही एक फरवरी को घोषित कर दी गई ई थी, थी, जिसमें सदस्यों की संख्या तय मानकों से अधिक थी। दरअसल, जिला अध्यक्षों ने करीब तीन महीने की मशक्कत के बाद सूचियां तैयार कर पीसीसी को भेजी थीं। परीक्षण के बाद चार जिलों की कार्यकारिणी घोषित भी कर दी गई थीं, जबकि अन्य जिलों की घोषणा 15 फरवरी तक प्रस्तावित थी। केंद्रीय नेतृत्व के नए निर्देश के कारण पूरी प्रक्रिया दोबारा शुरू करनी पड़ी। सागर ग्रामीण की कमेटी अभी घोषित नहीं हुई है।
भोपाल बीजेपी की नई कार्यकारिणी अब शिवरात्रि के बाद
भाजपा में निचले स्तर तक बूथ प्रबंधन से लेकर कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन, समन्वय और अनुशासन के मुद्दे पर देश भर में मॉडल स्टेट कहलाने वाले मप्र की इमेज भोपाल कार्यकारिणी विवादासे धूमिल हो गई। भोपाल में सत्ता-संगठन मुखिया भी बैठते हैं पर इस इस एक्याड में पार्टी की किरकिरी करा दी। जिले की कार्यकारिणी इतनी विवादित हुई कि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को उसे होल्ड करना पड़ा। प्रदेश संगठन को भी यह सूची अपने सोशल मीडिया एकाउंट से डिलीट करनी पड़ी। शिवरात्रि के बाद नई सूची आने की चर्चा है। भोपाल जिलाध्यक्ष की ताजपोशी के 13 महीने बाद जारी हुई सूची के नामों पर समन्वय की पोल खुल गई। क्षेत्रीय और जातीय संतुलन का पालन नहीं हो पाया। एक व्यक्ति एक पद की अनदेखी के साथ पार्टी लाइन की मुखालफत, कार्यालय में तोडफ़ोड़ करने वाले डिफाल्टर नेता उपकृत कर दिए गए।
एडिशनल सेक्रेटरी जीएडी के कमरे में घुसा युवक, बोला- इंदौर में एडीएम हूं…
मंत्रालय में उस समय हडक़ंप की स्थिति बन गई, जब खुद को 2019 बैच का आईएएस और इंदौर में पदस्थ एडीएम बताने वाला एक युवक सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) के एडिशनल सेक्रेटरी अजय कटेसरिया के कक्ष में पहुंच गया और अपने ट्रांसफर की बात करने लगा। योगेंद्र सिंह चौहान नाम के युवक ने दावा किया कि वह इंदौर में पदस्थ है। संदेह संदेह होने पर सुरक्षा अधिकारियों को जानकारी दी गई। पूछताछ में सामने आया कि युवक रूटीन पास बनाकर मंत्रालय में प्रवेश किया था। जांच में पता चला कि युवक मानसिक इलाज चल रहा है। युवक सामान्य शाखा से होते हुए सेक्रेटरी कक्ष तक पहुंचा। घटना के बाद मंत्रालय की प्रवेश व सत्यापन व्यवस्था पर भी चर्चा शुरू हो गई है। मुख्य सुरक्षा अधिकारी अविनाश शर्मा ने कहा, रोज लोग रूटीन पास के जरिए मंत्रालय काम से आते हैं। यह व्यक्ति भी इसी तरह आया था।

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