बिच्छू राउंडअप/अब क्लास-3 से पढ़ाई में एआई, भारत बोधन कॉन्क्लेव से केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान

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अब क्लास-3 से पढ़ाई में एआई, भारत बोधन कॉन्क्लेव से केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने किया ऐलान
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव-2026 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि टेक्नोलॉजी देश के एजुकेशन सिस्टम का सेंटर बन रही है। सरकार ने नॉलेज और इंटेलेक्चुअल एबिलिटी बनाने के लिए शिक्षा में एआई के लिए एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस शुरू किया है। क्लास-3 से उम्र के हिसाब से एआई शिक्षा शुरू करने का भी फैसला किया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, विद्यार्थियों के लिए देश के शिक्षा विभाग में एडवांस्ड टेक्नोलॉजी लाने के लिए भारत सरकार तत्पर है। भारत सरकार ने तय किया है कि आने वाले दिनों में क्लास 3 से एआई बेस्ड शिक्षा की व्यवस्था की जाएगी। एआई एक एडवांस्ड टूल बन चुका है। ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट के पहले भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव होना, यह एक बड़ा कदम है। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, भारत बोधन एआई कॉन्क्लेव 2026 के उद्घाटन सेशन को संबोधित करते हुए खुशी हो रही है।

सुप्रीम कोर्ट ने फटकार लगाई- पहले नया नाम बताओ तभी रिलीज होगी ‘घूसखोर पंडित
सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म घूसखोर पंडित के फिल्म मेकर नीरज पांडे को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा कि ऐसे टाइटल का इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को बदनाम नहीं कर सकते हैं। मनोज बाजपेयी स्टारर फिल्म घूसखोर पंडित की रिलीज पर रोक लगाने वाली एक याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म के नाम पर कड़ी आपत्ति जाहिर की। यह फिल्म ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली थी। जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्जवल भुयान की बेंच ने घूसखोर पंडित की एक याचिका पर सूचना और प्रसारण मंत्रालय, सेंट्रल बोर्ड फॉर फिल्म सर्टिफिकेशन को भी नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने कहा- ऐसे टाइटल का इस्तेमाल करके समाज के एक हिस्से को बदनाम क्यों कर रहे हैं।  कोर्ट ने कहा-यह नैतिकता और पब्लिक ऑर्डर के खिलाफ है। जब तक आप हमें बदला हुआ नाम नहीं बताते हैं। हम आपको फिल्म रिलीज नहीं करने देंगे। सुप्रीम कोर्ट ने फिल्म मेकर्स को एक एफिडेविट फाइल करने का निर्देश दिया कि घूसखोर पंडित समाज के किसी भी वर्ग को नीचा नहीं दिखाती है।

आरबीआई ने दिखाई सख्ती- वसूली एजेंट अब कर्जदारों को नहीं दिखा पाएंगे ‘रुतबा’
आरबीआई की तरफ से संचालित देश के जितने भी वित्तीय संस्थान (बैंक, ग्रामीण बैंक, एनबीएफसी, हाउसिंग फाइनेंस कंपनियां, सहकारी बैंक आदि) की तरफ से नामित रिकवरी एजेंट अब किसी भी सूरत में कर्ज चुकाने में असमर्थ रहने वाले या देरी करने वाले ग्राहकों से बदतमीजी से पेश नहीं आएंगे। भारतीय रिजर्व बैंक ने गुरुवार को इस बारे में विस्तृत लोन रिकवरी और रिकवरी एजेंट्स की नियुक्ति को लेकर नए दिशा निर्देश जारी किए हैं। इसका मुख्य उद्देश्य है कि लोन चुकाने में असमर्थ या देरी करने वाले ग्राहकों को अनुचित दबाव से बचाना। यही नहीं, बैंक कर्मचारी या सेल्स एजेंट सुबह 9 से शाम 6 बजे तक ही, और ग्राहक की अनुमति लेकर ही कॉल या विजिट कर सकेंगे। नियम सभी रेगुलेटेड संस्थाओं पर लागू होंगे। नए नियम 1 जुलाई से लागू होंगे।  आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि बैंकों को अब एक स्पष्ट नीति बनानी होगी, जिसमें रिकवरी एजेंट्स की योग्यता, जांच, आचार संहिता और निगरानी शामिल हो। इससे विशेष रूप से वैसे लोगों को राहत मिलेगी जो रिकवरी के दौरान उत्पीडऩ का शिकार होते हैं। अब बैंकों को सुनिश्चित करना होगा कि रिकवरी प्रक्रिया न केवल कानूनी हो, बल्कि मानवीय भी।  

सेना की बढ़ेगी शक्ति! 3.25 लाख करोड़ का महासौदा, खरीदी को मिली मंजूरी
देश की सुरक्षा व्यवस्था को फुलप्रूफ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए रक्षा अधिग्रहण परिषद ने एक ऐतिहासिक खरीद को मंजूरी दी है। परिषद ने भारतीय वायुसेना के लिए 114 नए राफेल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए 6 पी-8आई पोसीडॉन समुद्री निगरानी विमानों की खरीद के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। इसे भारत की अब तक की सबसे बड़ी रक्षा खरीद योजनाओं में से एक माना जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत 3.25 लाख करोड़ रुपए बताई गई है। डीएसी की मंजूरी मिलने के बाद अब यह प्रस्ताव अंतिम स्वीकृति के लिए कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (सीसीएस) के पास भेजा जाएगा। इस सौदे का सबसे अहम पहलू वायुसेना की गिरती स्क्वाड्रन संख्या को संभालना है। 114 नए राफेल विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना को 6 से 7 नए स्क्वाड्रन मिलेंगे। वर्तमान में वायुसेना के पास लगभग 30 स्क्वाड्रन हैं, जबकि देश की सुरक्षा जरूरतों को पूरा करने के लिए 42 स्क्वाड्रन की आवश्यकता है।

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