
- दो साल से जमे हैं कई थाना प्रभारी
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। भोपाल पुलिस कमिश्नरेट में सुपरविजन में कमी है। वर्तमान में डीसीपी जोन-वन और थ्री का पद खाली है। वहीं डीसीपी जोन-टू विवेक सिंह डीआईजी बन चुके हैं। वह भी डीआईजी बनकर अन्यत्र पदस्थ होंगे। इसलिए जोन-टू भी खाली होगा। वहीं 8 एसीपी के पद खाली पड़े हैं, जहां बहुत दिनों से किसी को पदस्थ नहीं किया गया है। ऐसे में इन विभागों की मॉनीटरिंग नाममात्र की है। इधर, थानों में दो साल से ज्यादा समय से थाना प्रभारी जमे बैठे हैं, जिन्हें देखने वाला कोई नहीं है। दरअसल, नए शहर में बैठे थाना प्रभारी पुराने में और पुराने में बैठे अधिकारी नए शहर में आना नहीं चाहते है। वहीं पुलिस लाइन में दर्जनभर से अधिक निरीक्षक बैठे हैं, जिन्हें काफी लंबे समय से थानों की बागडोर नहीं मिली। वह लाइन एंड आर्डर ड्यूटी कर थाने की आस में बैठे हैं, लेकिन उन्हें कब थाना मिलेगा, इसकी कोई गारंटी नहीं।
डीसीपी जोन-थ्री 10 को रिलीव
डीसीपी जोन-वन का पद लगभग दो माह से खाली पड़ा है। इस पद पर आईपीएस आशुतोष गुप्ता पदस्थ थे। वर्तमान में वह रायसेन एसपी हैं। डीसीपी जोन-थ्री अभिनव चौकसे 10 फरवरी को रिलीव हो गए। उनकी नवीन पदस्थापना आईबी (इंटेलीजेंस ब्यूरो) में हुई है। यह पद भी रिक्त हो गया है। 8 एसीपी की कमी है, जिसकी वजह से कई विभागों की मॉनीटरिंग नहीं हो पा रही है। इसमें एसीपी लाईन, एसीपी न्यायालय-1, एसीपी न्यायालय-2, एसीपी डाटा अपराध शाखा, एसीपी मानव वध, एसीपी सुरक्षा, एसीपी गुप्तवार्ता और एसीपी सुरक्षा जोन 2-3 के पद रिक्त पड़े हैं।
लंबे समय से बदला नहीं गया
शहर के कई थानों में ऐसे थाना प्रभारी बैठे हैं, जिन्हें दो साल से ज्यादा समय हो चुका है, लेकिन उनकी बदली नहीं की गई। इसमें थाना कमलानगर, रातीबड़, गोविंदपुरा, अयोध्या नगर, एमपी नगर, बागसेवनिया, कोतवाली, हनुमानगंज, शाहजहांनाबाद, खजूरी सडक़ हैं। इसमें से कुछ को लगभग ढाई साल हो रहे हैं। एक ही थाने में जमे इन थाना प्रभारियों को काफी लंबे से बदला नहीं गया इसलिए कई बार आरोप-प्रत्यारोप भी लगते रहते हैं। कुछ शारीरिक रूप से अनफिट और बीमार भी है।
पुलिस लाइन में बैठे निरीक्षकों पर भरोसा
पुलिस लाइन में दर्जनभर से ज्यादा निरीक्षक अपनी नवीन पदस्थापना के लिए दिन-रात लाइन आर्डर ड्यूटी में लगे हैं। लाइन में बैठे निरीक्षकों में गंगाराम उइके, सुरेश पथारिया, कमलजीत रंधावा, सुधीर अरजरिया, मनीष सिंह भदौरिया, राजन सिंह, नीतू कुंसारिया, हेमंत विष्णु वर्वे, जितेंद्र गढ़वाल, पल्लवी पांडे, सरिता बर्मन, डीपी सिंह, और सुरेश नागर है। इनमें से कुछ काफी लंबे समय से लाइन में है। लेकिन उन पर भरोसा कर नवीन पदस्थापना नहीं दी गई। हो सकता है नए पुलिस कमिश्नर संजय कुमार इन पर भरोसा कर मौका दें। निरीक्षक डीपी सिंह इस माह रिटायर्ड होने जा रहे हैं। उनके साथ ही एसीपी क्राइम बने हेमंत श्रीवास्तव भी इसी माह रिटायर्ड होंगे। इस तरह एसीपी क्राइम का एक भी और रिक्त हो जाएगा।
