- मंत्रिमंडल समिति का नई आबकारी नीति पर मंथन

गौरव चौहान
मप्र सरकार के आबकारी विभाग ने आबकारी नीति 2026-27 का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। शासन की ओर से गठित तीन सदस्यीय मंत्रिमंडल समिति ने कैबिनेट की बैठक के बाद मंत्रालय में नई आबकारी नीति के ड्राफ्ट पर चर्चा की है। बैठक में डिप्टी सीएम जगदीश देवड़ा, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके मौजूद रहीं। ड्राफ्ट पर चर्चा के दौरान मंत्रियों ने जरूरी सुझाव दिए, जिन्हें इसमें शामिल किया जाएगा। नई नीति में शराब दुकानों की बिक्री से राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए नई नीति में शराब के अवैध निर्माण और अवैध परिवहन को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। नई आबकारी नीति में शराब दुकानों के चालू वित्त वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि करके ही दुकानों के आवंटन की कार्रवाई किया जाना प्रस्तावित है। सबसे पहले नवीनीकरण के जरिए दुकानें आवंटित होंगी। फिर लॉटरी के जरिए और इसके बाद ई-टेंडर के माध्यम से शराब दुकानों का ठेका दिया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि आबकारी नीति के ड्राफ्ट में जरूरी संशोधन के बाद इसे सीएम डॉ. मोहन यादव के समक्ष पेश किया जाएगा। सीएम की हरी झंडी मिलने के बाद इसे मंजूरी के लिए कैबिनेट बैठक में लाया जाएगा। नई आबकारी नीति एक अप्रैल, 2026 से लागू होगी। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक नई आबकारी नीति में मप्र आबकारी अधिनियम-1915 में संशोधन का प्रावधान किया गया है। इसके अनुसार अधिनियम की वे कंडिकाएं समाप्त की जाएगी, जो अब अव्यावहारिक हो गई हैं और जिनसे सरकार को अब राजस्व प्राप्त नहीं हो रहा है। नई नीति में शराब दुकानों की बिक्री से राजस्व का लक्ष्य बढ़ाकर 21,000 करोड़ रुपये करने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। पिछली बार 18 हजार करोड़ राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य रखा गया था। ज्यादा राजस्व प्राप्त करने के लिए नई नीति में शराब के अवैध निर्माण और अवैध परिवहन को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध रूप से शराब बेचे जाने की शिकायतों पर नियंत्रण के लिए संबंधित जिलों के अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जा रही है।
नहीं बिकी दुकान तो ई टेंडर रहेगा जरिया
नई आबकारी नीति में न कोई शराब दुकान बंद करने का प्रस्ताव है और न ही नई शराब दुकान खोला जाना प्रस्तावित है। आबकारी नीति 2025-26 में प्रदेश के 17 धार्मिक नगरों में शराब दुकानों को बंद करने का निर्णय लिया गया था। इससे इन शहरों की 47 शराब दुकानें बंद हो गई थी। नई नीति में पूर्व की तरह नर्मदा किनारे 5 किलोमीटर की परिधि में शराब दुकानें नहीं खोले जाने और धार्मिक व शैक्षणिक स्थलों से शराब दुकानों की दूरी पूर्व की तरह 100 मीटर निर्धारित रखा जाना प्रस्तावित किया गया है। मप्र में शराब दुकानों की कुल संख्या 3,558 है। ये सभी कंपोजिट दुकानें हैं। जिलों में जहरीली शराब की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किए गए हैं। साथ ही नीति में शॉपिंग मॉल में महंगी शराब के काउंटर खोला जाना भी प्रस्तावित किया गया है। इस संबंध में प्रस्ताव को हरी झंडी देने या नहीं देने को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री लेंगे। नई आबकारी नीति में शराब दुकानों के चालू वित्त वर्ष के मूल्य में 10 से 15 प्रतिशत की वृद्धि करके ही दुकानों के आवंटन की कार्रवाई किया जाना प्रस्तावित है। सबसे पहले नवीनीकरण के जरिए दुकानें आवंटित होंगी। फिर लॉटरी के जरिए और इसके बाद ई-टेंडर के माध्यम से शराब दुकानों का ठेका दिया जाएगा।
नए आपराधिक कानूनों की समीक्षा
केंद्रीय गृह विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में अपर मुख्य सचिव गृह शिव शेखर शुक्ला की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में मप्र में नए आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक आंतरिक सुरक्षा की स्थिति और संबंधित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। इस दौरान आपराधिक न्याय प्रणाली, फॉरेंसिक व्यवस्था, जेल प्रबंधन, साइबर अपराध नियंत्रण, आतंकवाद निरोध, मादक पदार्थ नियंत्रण, आपदा प्रबंधन, पुलिस आधुनिकीकरण सहित राज्य से जुड़े अन्य विशिष्ट मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में भारत सरकार, गृह मंत्रालय की ओर से संयुक्त सचिव (आंतरिक सुरक्षा-2) निष्ठा तिवारी एवं संयुक्त निदेशक अमृता डेस उपस्थित रहीं। समीक्षा बैठक में गृह विभाग एवं पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विधि एवं विधायी कार्य विभाग, स्वास्थ्य विभाग, लोक अभियोजन, राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र और मप्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी भी शामिल हुए।
