बालाघाट में हॉक फोर्स के जवानों को मिला असली इनाम

हॉक फोर्स
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कंधे पर जड़े बैच

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। मध्य प्रदेश को नक्सल फ्री करने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने की कवायद तेज है। प्रदेश का सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित जिला बालाघाट में अब अमन-चैन की हवा तैर रही है। ऐसे में मुख्यमंत्री डॉ।मोहन यादव ने नक्सल फ्री होने की खुशी में सोमवार को बालाघाट का दौरा किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नक्सलियों का सफाया करने में अहम भूमिका निभाने वाले वीर जवानों को आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया। इसके साथ ही बालाघाट में विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन भी मुख्यमंत्री ने किया।
मुख्यमंत्री सबसे पहले शहीद स्मारक पहुंचे
बालाघाट में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सबसे पहले शहीद स्मारक पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। यहां पर नक्सलियों की गतिविधियां किस प्रकार समाप्त की गई। इस पर पर प्रदर्शनी भी लगाई गई। मुख्यमंत्री ने प्रदर्शनी को बारीकी से देखा। इसके बाद नक्सलियों से लगातार लोहा लेने वाले हॉक फोर्स के 60 जवानों को बैच लगाकर आउट ऑफ टर्न प्रमोशन दिया। इन जवानों ने नक्सलियों को खत्म करने में बड़ा रोल अदा किया है। कई नक्सलियों को मुठभेड़ में इन जवानों ने मार गिराया। जवानों ने पिछले साल जून माह में बालाघाट के रूपझर थाना क्षेत्र के पचामादादर-कटेझिरिया के जंगल में नक्सलियों के साथ मुठभेड़ कर अहम सफलता पाई थी।
मुख्यमंत्री ने हॉक फोर्स जवानों को परोसा भोजन
इस दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गाजर का हलवा खिलाकर जवानों का मुंह मीठा किया। मुख्यमंत्री ने जवानों के साथ बैठकर भोजन भी किया।इस दौरान वे जवानों को भोजन परोसते भी नजर आए। उनके साथ बालाघाट कलेक्टर मृणाल मीणा और पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने भी जवानों को भोजन परोसा। यह समारोह नक्सल मुक्त मध्यप्रदेश की दिशा में पुलिस बल की बड़ी सफलता का प्रतीक बना।
14 परिवारों के सदस्यों को नियुक्ति पत्र
हॉक फोर्स जवानों को पदोन्नति देने के साथ ही मुख्यमंत्री 14 परिवारों के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का वादा निभाया। ये वे परिवार हैं जिनके परिवार के मुखिया नक्सली मुठभेड़ में शहीद हुए हैं। ऐसे परिवारों के सदस्यों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इसके अलावा सीआरपीएफ के जवानों को भी सम्मानित किया गया।
मुफ्त और सशुल्क दोनों विकल्प
मुफ्त पंजीयन: ग्राम पंचायत कार्यालय, जनपद पंचायत, तहसील कार्यालयों के सुविधा केंद्र, सहकारी समितियां एवं सहकारी विपणन संस्थाएं सशुल्क पंजीयन (50 रुपए): एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (केसीसी), लोक सेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे।
बैंक खाते को लेकर सख्ती
पंजीयन के समय किसान को बैंक खाता नंबर और आईएफएससी कोड देना अनिवार्य होगा। जनधन, अक्रियाशील, संयुक्त खाते तथा फिनो, एयरटेल, पेटीएम बैंक के खाते मान्य नहीं होंगे। आधार से लिंक बैंक खाते का सत्यापन 1 रुपए के ट्रांजेक्शन के जरिए ई-उपार्जन पोर्टल व जेआईटी पोर्टल से किया जाएगा।

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