- 11 सदस्यीय समिति गठित…

भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम
मप्र कांग्रेस में प्रवक्ताओं का चयन करने वाली कमेटी लेकर मचा घमासान थम नहीं रहा है। प्रदेश कांग्रेस ने एक बार फिर टैलेंट हंट समिति में संशोधन कर दिया है। पिछले दो महीने के भीतर तीसरी बार जारी टैलेंट हंट कमेटी में विधायक जयवर्धन सिंह, हेमंत कटारे, महेश परमार समेत 7 लोगों के नाम जोड़े गए हैं। जबकि पूर्व में घोषित टैलेंट हंट समिति के संयोजक अभय तिवारी, यश घनघोरिया, मेघा परमार, 4 प्रदेश प्रवक्ता समेत 8 सदस्यों को बाहर कर दिया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने नई टैलेंट हंट प्रदेश कांग्रेस में प्रवक्ताओं की खोज के लिए 9 दिसंबर को प्रदेश संगठन प्रभारी महामंत्री संजय कामले ने टैलेंट हंट समिति का गठन किया था। इसको लेकर विवाद उठा तो कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक ने 23 दिसंबर को टैलेंट हंट की नई कमेटी जारी कर दी। जिसमें कमेटी के सदस्यों के क्लस्टर भी तय कर दिए थे। इसके बाद कांग्रेस में विवाद उठा तो मुकेश नायक ने इस्तीफा दे दिया था। हालांकि बाद में प्रदेशाध्यक्ष के दखल के बाद वे वापस काम पर लौटे। टैलेंट हंट समिति से हटाए गए पदाधिकारियों के स्थान पर विधायक जयवर्धन सिंह, हेमंत कटारे, महेश परमार, पूर्व विधायक शैलेन्द्र पटेल, विचार विभाग के अध्यक्ष भूपेन्द्र गुप्ता, मुणाल पंत और अपूर्व भारद्वाज को बतौर सदस्य शामिल किया गया है। जबकि नई टैलेंट हंट समिति के अध्यक्ष मुकेश नायक को बनाया गया है। जबकि विधायक आरिफ मसूद, विक्रांत भूरिया, महेन्द्र जोशी और रीना बौरासी को नई समिति में भी शामिल किया गया है।
नए प्रवक्ताओं की तलाश शुरू
प्रदेश कांग्रेस ने दो दिन पहले प्रवक्ताओं को कार्यमुक्त कर टैलेंट हंट कार्यक्रम के जरिए नपे प्रवक्ताओं की तलाश शुरू कर दी है। इस बीच प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुकेश नायक द्वारा 23 दिसंबर को गठित की गई टैलेंट हंट कमेटी में बदलाव कर दिया है। पटवारी ने टैलेंट हंट समिति से अभय तिवारी, युवक कांग्रेस अध्यक्ष यश घनघोरिया, एनएसयूआई अध्यक्ष आशुतोष चौकसे, बाल कांग्रेस अध्यक्ष मेघा परमार और प्रवक्ता अभिनव बरोलया, मिथुन अहिरवार, राहुल राज और आनंद जाट को बाहर कर दिया है। बताया गया कि अभय तिवारी को असम चुनाव में व्यस्त होने की वजह से किया गया है।
इसलिए नहीं व्यवस्था
कमेटी गठन की सूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी अभय तिवारी को समिति में शामिल नहीं किया गया है। बताया गया कि उन्होंने स्वयं इस प्रक्रिया से अलग रहने का आग्रह किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया। कांग्रेस का मानना है कि इस नई व्यवस्था से पार्टी को ऐसे प्रवक्ता मिलेंगे, जो न सिर्फ मीडिया में प्रभावी तरीके से बात रख सकें, बल्कि संगठन की सोच और मुद्दों को मजबूती से जनता तक पहुंचा सकें।
