
किसान कल्याण के लिए उड़द-मूंगफली के अधिकाधिक उत्पादन को दें प्रोत्साहन
प्रदेश सरकार इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है। किसानों के जीवन में खुशहाली लाने किसान रथ चलाए जाएं। इनका शुभारंभस्थानीय सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधियों से ही कराएं। किसानों से विफल स्थानों पर संवाद करें। उन्हें ग्रीसकालीन मूंग के स्थान पर अधिकाधिक मात्रा में मूंगफली और उड़द की फसल लेने के लिए प्रोत्साहित करें। प्राकृतिक एवं जैविक खेती को प्रोत्साहित करें। यह निर्देश मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कमिश्नरों-कलेक्टरों को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि जलवायु, ऊर्जा एवं सतत कृषि को बढ़ावा देने के लिए ई-विकास पोर्टल एवं किसानों को संतुलित मात्रा में भी उर्वरकों का उपयोग के लिए जागरूक किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष में कृषि आधारित उद्योगों के विकास के लिए हर जरूरी प्रयास करें। कलेक्टर जिले में कृषक कल्याण वर्ष की तय गतिविधियों की नियमित रूप से मानिटरिंग करें।
दैवेभो श्रमिकों को नहीं मिल रहा पीएफ सुविधा का लाभ
मध्य प्रदेश के शासकीय विभागों, निगम, मंडलों, सहकारी संस्थाओं, संघों, परिषदों में कार्यस्त दैनिक वेतन भोगी (दैवेभो) श्रमिकों को पीएफ सुविधा का लाभ श्रम कल्याण मंडल की सात सूत्रीय नीति जारी होने के बाद भी नहीं मिल रहा है। इससे दैवेभो को सामाजिक सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा नहीं मिल पा रही है। शनिवार को मप्र कर्मचारी मंच ने मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव को पत्र लिखकर मांगों से अवगत कराया है। मंच के प्रदेश अध्यक्ष अशोक पांडे ने बताया कि शासन से मांग की है कि श्रम कल्याण मंडल की नीति के अनुसार दैवेभो श्रमिकों को पीएफ सुविधा का लाभएक माह में दे तथा जिस विभाग के विभागाध्यक्ष द्वारा पीएफ सुविधा देने के शासन के निर्देशों का पालन नहीं हो रहा है उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जाए। मंच ने निर्णय लिया कि सरकार ने एक माह में श्रम नीति के अनुसार दैवेभो श्रमिकों पीएफ सुविधा का लाभ नहीं दिया तो मध्य प्रदेश कर्मचारी मंच के नेतृत्व में दैनिक वेतन भोगी श्रमिक मंत्रालय के सामने प्रदर्शन करके ज्ञापन सौंपेंगे।
जल स्वच्छता जांच के लिए 10 हजार महिला अमृत मित्र की तैनाती होगी
मध्यप्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी के प्रबंध संचालक सह आयुक्त नगरीय विकास एवं आवास संकेत भोंडवे ने पूर्ण हो चुकी 35 नगरीय निकायों एवं प्रगतिरत 52 नगरीय निकायों की जल प्रदाय एवं सीवरेज प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की। प्रबंध संचालक भोंडवे ने निर्देश दिए कि जल प्रदाय की लाइन किसी भी स्थिति में सीवरेज लाइन से न मिले, जिससे पेयजल की स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने जल परीक्षण के लिए एमपीयूडीसी के माध्यम से 10 हजार महिला अमृत मित्र तैनात करने के भी निर्देश दिए। यह अमृत मित्र जल स्वच्छता की जांच करेंगी। उन्होंने कहा कि एमपीयूडीसी की सभी परियोजनाओं की समीक्षा अब हर माह की जाएगी। एमडी भोंडवे ने परियोजना बुधनी के ठेकेदार वाज इंडिया को टर्मिनेट करने एवं ब्लैक लिस्ट करने, पसान के मुख्य ठेकेदार द्वारा नियुक्त सब कांट्रेक्टर कात्यानी, शहडोल सीवरेज में मुख्य ठेकेदार द्वारा नियुक्त सब कांट्रेक्टर ईफिल तथा सांची सीवरेज परियोजना के ठेकेदार 3 आरएम को ब्लैक लिस्ट करने के निर्देश दिए गए।
आईजी रेंक के पदों पर इम्पैनलमेंट के लिए दो वर्ष का केंद्रीय अनुभव हो
हाल ही में केन्द्र सरकार ने भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारियों के लिए प्रतिनियुक्ति को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशकों से कहा है कि अब केंद्र में आईजी या समकक्ष पद पर इम्पैनलमेंट के लिए आईपीएस अफसरों के पास कम से कम दो साल का केंद्रीय अनुभव जरूर होना चाहिए। गृह मंत्रालय से 28 जनवरी को जारी आदेश के अनुसार, 2011 बैच और उसके बाद के आईपीएस अधिकारियों को केंद्र में आईजी या समकक्ष पद पर एम्पैनलमेंट के लिए एसपी या डीआईजी या समकक्ष स्तर पर कम से ह्यह्यह्यह्यकम दो साल का केंद्रीय अनुभव होना अनिवार्य किया गया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार इस नई गाइडलाइन को राज्य कैडर में तैनात सभी आईपीएस अधिकारियों को प्रदान करें। यह संशोधन केंद्र में वरिष्ठ पदों पर तैनाती की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और अनुभव-आधारित बनाने के उद्देश्य से किया है।
