
- अस्थाई परमिट शुल्क 12 रु. प्रति सीट से बढ़ाकर 18 रु. कर किया
भोपाल/बिच्छू डॉट कॉम। प्रदेश में बस से यात्रा करने पर अब जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी। क्योंकि सरकार ने बसों के परमिट टैक्स में 50 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर दी है। जिसका भार यात्रियों की जेब पर पड़ेगा। शादी-विवाह और धार्मिक यात्राओं के लिए ज्यादा किराया चुकाना होगा। क्योंकि अस्थाई परमिट शुल्क 12 रुपए प्रति सीट से बढ़ाकर 18 रुपए कर दिया है। खास बात यह है कि अब बस कंडेक्टर (परिचालक) की सीट का भी टैक्स लिया जाएगा। जिसका भार भी यात्रियों पर पड़ेगा। इस संबंध में परिवहन विभाग ने अधिसूचना जारी कर दी है। बसों के स्थाई एवं अस्थाई परमिट शुल्क को बढ़ाने के संबंध में परिवहन विभाग ने 10 अक्टूबर 2025 को सूचना जारी की गई थी। जिसमें 65 फीसदी टैक्स बढ़ाने की तैयारी थी, लेकिन बस ऑपरेटरों के विरोध के चलते परिवहन विभाग ने 50 फीसदी परमिट शुल्क बढ़ा दिया है। परिवहन विभाग की सूचना के बाद प्रदेश भर के कई बस ऑपरेटरों ने परमिट शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव का विरोध किया था।
ये यात्राएं होंगी महंगी: यात्रा परमिट टैक्स बढ़ाने न सिर्फ सामान्य यात्राएं महंगी होंगी। बल्कि बारात, पिकनिक, धार्मिक, पिंडदान, अनुष्ठानों के लिए की जाने वाली यात्राएं भी महंगी हो जाएंगी। परिवहन विभाग बारात एवं अन्य यात्राओं के लिए अलग से परिमिट जारी करता है। टैक्स बढऩे पर आम लोगों पर ज्यादा बोझ आएगा।
ऐसे समझिए टैक्स का गणित
यूं तो यात्री बसों से प्रति सीट के हिसाब से टैक्स वसूली जाता है। शादी-विवाह एवं अन्य यात्राओं के लिए बसों को दिन के हिसाब से परमिट जारी होते हैं। अभी तक 52 सीटर बस को बारात परमिट 624 रुपए प्रतिदिन (12 रुपए प्रति सीट) के हिसाब से मिलता है। इसके बढ़ाकर 18 रुपए प्रति सीट प्रति दिन कर दिया है। ऐसे में 52 सीटर बस के एक दिन के परिमिट के लिए 924 रुपए चुकान होंगे। पहले कंडेक्टर सीट का टैक्स नहीं लगता था। अब लगेगा। ऐसे में 53 सीट बस का एक दिन का परमिट 942 रुपए में मिलेगा। नगरीय क्षेत्र में बस परमिट 150 रुपए प्रति सीट प्रति तिमाही होगा। 100 किमी तक का बस परमिट 200 रुपए प्रति सीट प्रति महीना, उसके बाद 10 किमी या उसके भाग के लिए 12 रुपए प्रति सीट प्रति माह देना होगा।
